कोहरे की चादर, सड़कों पर थमी रफ्तार, किसानों के लिए बना वरदान
आज सुबह से ही एमपी के मुरैना जिले की सड़कों पर घना कोहरा छाया रहा, जिसने पूरे जिले को अपनी आगोश में ले लिया। शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी दृश्यता बेहद कम रही, जिससे आम जनजीवन की शुरुआत धीमी और देर से हुई। कोहरे और आसमान पर छाए घने बादलों के चलते लोगों को ठंड का तीखा एहसास हुआ, हालांकि बीते दो दिनों में न्यूनतम तापमान में करीब 3 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई और पारा 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
सुबह के समय शहर की सड़कों पर तो हल्का असर दिखा, लेकिन हाईवे पर कोहरे का प्रभाव ज्यादा गंभीर नजर आया। दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को खासा परेशान होना पड़ा और कई जगहों पर वाहन बेहद धीमी रफ्तार से चलते दिखाई दिए। दूसरे दिन भी कोहरा बने रहने से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका के चलते लोग सतर्क नजर आए।
हालांकि, जहां आम लोगों के लिए यह कोहरा परेशानी का सबब बना, वहीं किसानों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार यह कोहरा रबी फसलों के लिए किसी अमृत से कम नहीं है। ग्रामीण इलाकों में कोहरा बूंदों के रूप में बरसता नजर आया, जिससे खेतों में प्राकृतिक नमी बनी हुई है।
मौसम विभाग और कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि यह कोहरा गेहूं की फसल के लिए बेहद लाभकारी है। इस समय गेहूं की बढ़वार के लिए नमी जरूरी होती है, जो कोहरे से पूरी हो रही है। वहीं सरसों की फसल में फूल आने के बाद अब फली बनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, ऐसे में यह मौसम सरसों के उत्पादन को भी बेहतर बनाएगा।
कोहरे की वजह से सड़कों पर आवागमन कम देखा गया। लोग अलाव, गर्म कपड़ों और चाय का सहारा लेते नजर आए। बाजारों में सुबह के समय चहल-पहल कम रही, जो दोपहर बाद धीरे-धीरे सामान्य हुई। विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों तक सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरे की संभावना बनी रह सकती है। ऐसे में वाहन चालकों को सावधानी बरतने और किसानों को इस मौसम का लाभ उठाने की सलाह दी गई है।