सागर-कलेक्टर संदीप जी.आर. ने औचक निरीक्षण से हिला देवरी प्रशासन, गांव–स्कूल–गौशाला का लिया जायजा
मध्यप्रदेश के सागर जिले के देवरी विकासखंड में उस समय प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब जिला कलेक्टर संदीप जी.आर. बिना पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। कलेक्टर के अचानक पहुंचने से अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई, वहीं ग्रामीणों को पहली बार शासन की योजनाओं का सीधा हाल बताने का अवसर मिला। कलेक्टर ने सबसे पहले ग्राम तीतरपानी पहुंचकर वहां संचालित गौशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने गौवंश के रखरखाव, चारे-पानी की उपलब्धता और स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्टर महराजपुर पहुंचे, जहां उन्होंने हायर सेकेंडरी स्कूल और प्राथमिक शाला का निरीक्षण किया।
स्कूल निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। बच्चों से पढ़ाई, विषयों की समझ और भविष्य की योजनाओं पर बातचीत की। कलेक्टर ने छात्रों को मेहनत और अनुशासन के साथ पढ़ाई करने की सीख दी और कहा कि शिक्षा ही बेहतर भविष्य की कुंजी है। साथ ही उन्होंने मध्यान्ह भोजन योजना की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था की भी जांच की। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों को समय पर, स्वच्छ और पोषणयुक्त भोजन मिलना चाहिए, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के क्रम में कलेक्टर ने कन्या छात्रावास का भी जायजा लिया, जहां उन्होंने छात्राओं से बातचीत कर रहने, भोजन और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी ली। इसके अलावा राजू स्थापक के मकान पर संचालित निजी गौशाला का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को देखा। कलेक्टर ने महराजपुर नगर का भ्रमण कर साफ-सफाई, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का भी अवलोकन किया।
पंचायत परिसर में आयोजित जन चौपाल के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याएं ध्यानपूर्वक सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यही प्रशासन का उद्देश्य है। इस दौरान देवरी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत एपीओ, पुलिस, पटवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण से स्पष्ट संदेश गया कि जमीनी हकीकत से समझौता नहीं होगा और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई तय है।