सागर- शाहगढ़ में बंदर बना महिला के मौत का कारण और अब फिर |SAGAR TV NEWS|
सागर जिले के शाहगढ़ नगर में बंदरों के बढ़ते आतंक ने एक दर्दनाक हादसे को जन्म दे दिया। यहां अपने ही मकान की छत से गिरकर 80 वर्षीय वृद्ध महिला की जान चली गई। बताया जा रहा है कि यह हादसा बंदरों के झुंड के अचानक छत पर आ जाने की वजह से हुआ, जिससे महिला घबरा गई और जान बचाने की कोशिश में नीचे गिर पड़ी। जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 8 शाहगढ़ निवासी हल्की बाई पति भागीरथ आठिया (उम्र 80 वर्ष) रविवार दोपहर अपने मकान की छत पर बैठी हुई थीं। इसी दौरान अचानक छत पर बंदरों का एक झुंड आ गया। बंदरों को देखकर वृद्ध महिला घबरा गईं और जैसे ही वह छत से नीचे उतरने के लिए आगे बढ़ीं, तभी एक बंदर ने अचानक उनकी ओर झपट्टा मार दिया। इस झटके से महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह छत से सीधे नीचे गिर पड़ीं।
नीचे गिरने से महिला के सिर में गंभीर चोट आई और वह मौके पर ही अचेत हो गईं। परिजन तत्काल महिला को उठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहगढ़ लेकर पहुंचे, जहां ड्यूटी डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। डॉक्टरों के अनुसार महिला के सिर में गंभीर अंदरूनी चोट थी और हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। इसी वजह से उन्हें तत्काल जिला अस्पताल रेफर करने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन दुर्भाग्यवश जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही वृद्ध महिला ने दम तोड़ दिया। ड्यूटी डॉक्टर ने बताया कि सिर में लगी गहरी चोट की वजह से महिला की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। इलाज के दौरान ही उनकी जान चली गई। घटना की सूचना मृतका के भतीजे बाबूलाल आठिया ने थाना शाहगढ़ पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया और शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
सोमवार सुबह करीब 11 बजे, पोस्टमार्टम के बाद मृतक महिला का शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद स्थानीय मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। इस दर्दनाक हादसे के बाद एक बार फिर शाहगढ़ में बंदरों के बढ़ते आतंक पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन बंदरों की वजह से हादसे हो रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। लोगों ने नगर परिषद और प्रशासन से बंदरों के आतंक से राहत दिलाने की मांग की है।