सागर में मौन धरने से भाजपा पर तीखा हमला, मनरेगा से गांधी का नाम हटाने पर कांग्रेस का आक्रोश
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से जुड़े मनरेगा कानून को लेकर केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ सागर में कांग्रेस ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। भाजपा सरकार पर गांधी जी के नाम और विचारधारा को मिटाने की साजिश का आरोप लगाते हुए जिला शहर कांग्रेस कमेटी ने मौन धरने के माध्यम से अपना आक्रोश व्यक्त किया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर, सागर जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव के नेतृत्व में पुरानी गल्ला मंडी स्थित गांधी प्रतिमा के सामने विशाल मौन धरना आयोजित किया गया। धरने में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, ब्लॉक अध्यक्ष, मोर्चा संगठनों के पदाधिकारी, पार्षद और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
धरना समाप्ति के बाद जिला शहर अध्यक्ष महेश जाटव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा गांधी जी के नाम और उनके आदर्शों से भयभीत है। उन्होंने कहा कि गांधी इस देश की आत्मा हैं और उनके नाम को किसी कानून से हटाने की कोशिश जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। महेश जाटव ने इसे गरीबों के अधिकार और देश के इतिहास पर सीधा हमला बताया। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष अमित राम जी दुबे ने कहा कि गांधी जी की हत्या के बाद अब उनकी विचारधारा और नाम को मिटाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा जैसे जनकल्याणकारी कानून से गांधी का नाम हटाना देश के गरीब और मजदूर वर्ग के साथ अन्याय है।
धरने के दौरान विद्युत मंडल से सेवानिवृत्त अधिकारी अनिल ओझा ने कांग्रेस की नीतियों में आस्था जताते हुए पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। वहीं नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों हेमराज रजक, वीरेंद्र राजे और नरेंद्र मिश्रा का पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान दिवंगत कांग्रेसजनों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि भी दी गई। सेवादल अध्यक्ष सिंटू कटारे के नेतृत्व में राष्ट्रगान का आयोजन हुआ, जिसमें सभी कांग्रेसजनों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि गांधी जी के नाम और विरासत से किसी भी तरह का छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना यह होगा कि भाजपा सरकार इस विरोध पर क्या रुख अपनाती है।