Sagar- कानूनों की धज्जियां उड़ा रहे मिश्रा कैटर्स, बच्चों से करवा रहे काम, बड़ी कार्रवाई की तैयारी
सागर में मिश्रा कैटर्स द्वारा श्रम कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रहे और ऐसा दो-चार महीना से नहीं बल्कि 2 साल से चल रहा था जहां असहाय बिना बाप के बच्चों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे कैटर्स का काम करवाया जा रहा था, बच्चों से कार्य करवाने में मजदूरी कम लगती है लेकिन मिश्रा कैटर्स जैसे लोग उनके भविष्य से और मासूमियत से खिलवाड़ करते हैं.
इसमें बड़ी बात यह है कि मिश्रा कैटर्स में अधिकांश काम करने वाले बच्चों की उम्र 18 साल के आसपास और वह दो-दो तीन तीन साल से इससे जुड़े हुए हैं लेकिन श्रम विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठे रहा, श्रम विभाग के अधिकारी कर्मचारी केवल बैनर कंप्लीट लगाकर ही अपनी ड्यूटी से इति श्री कर लेते हैं और मिश्रा कैटर्स जैसे लोग इसी उदासीनता का फायदा उठाकर बच्चों से काम करवा रहे हैं,
ताजा मामला 69वीं शालेय खेलकूद प्रतियोगिता के दौरान सामने आया है, जहां खिलाड़ियों के भोजन की व्यवस्था की जिम्मेदारी मिश्रा केटर्स को दी गई थी स्वीडिश मिशन स्कुल में इसकी व्यवस्था की गई थी लेकिन मेस संचालक के द्वारा कम उम्र के बच्चों से काम करवाया जा रहा था, सूचना मिलते ही श्रम विभाग और विशेष किशोर इकाई की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची, जहां एक नाबालिग किचन में काम करता हुआ पाया गया।
टीम द्वारा नाबालिग को अभिरक्षा में लिया गया और तत्काल उसकी मां को मौके पर बुलाया गया। उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया,
वहीं, जिस केटरर्स द्वारा नाबालिग से किचन में काम कराया जा रहा था, उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज करने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए मामले को जांच में लिया गया है। लेकिन दो दिन बाद भी इसमें कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है,
इस संबंध में विशेष किशोर इकाई की प्रभारी ज्योति तिवारी ने बताया कि नाबालिगों से काम कराए जाने की जानकारी सामने आई थी मामला संज्ञान में आते ही विशेष टीम का गठन कर मौके पर जांच के लिए भेजा गया। जांच में पाया गया कि मिश्रा केटर्स द्वारा नाबालिग से मजदूरी का कार्य कराया जा रहा था, जो बाल श्रम की श्रेणी में आता है।
एडवोकेट पवन नन्होरिया बताते है कि बाल श्रम अधिनियम की धारा 14 के तहत 18 साल से कम उम्र के बच्चों से कार्य लेने पर २ साल तक सजा और 50000/- तक जुर्माना तथा बीएनएस की धारा 370 के तहत भी अपराध है, इसमें प्रत्येक बच्चे के लिए अलग अपराध दर्ज होगा, साथ ही न्यायालय के समझौता की अनुमति भी नहीं दे सकता है, बच्चों से श्रम कराने या बच्चों का शोषण कहीं हो रहा हो तो चाइल्ड हेल्प लाइन शिकायत नंबर 1098 पर शिकायत दर्ज करवा सकते है