सागर-चाचा के निधन के सदमे में भतीजे ने भी दुनिया को कहा अलविदा, हृदयविदारक घटना
सागर-चाचा के निधन के सदमे में भतीजे ने भी दुनिया को कहा अलविदा, हृदयविदारक घटना
सागर के मोती महाराज परिवार से जुड़ी एक अत्यंत मार्मिक और हृदयविदारक घटना सामने आई है। परिवार के वरिष्ठ सदस्य श्री हीरालाल शर्मा, जिन्हें सभी स्नेहपूर्वक अन्ना चाचा के नाम से जानते थे, लंबी बीमारी के बाद 8 दिसंबर को देवलोक गमन कर गए थे। परिवार ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए उनकी देह बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज को दान कर दी थी।
चाचा के निधन की जानकारी उनके भतीजे श्री सुधीर शर्मा को स्वास्थ्य कारणों से नहीं दी गई थी। चिकित्सकों ने परिजनों को बताया था कि सुधीर शर्मा का हृदय कमजोर है और किसी भी गहरे सदमे से उनकी स्थिति बिगड़ सकती है।
फोन कॉल से मिली सूचना, बिगड़ी तबीयत
बताया जा रहा है कि इंदौर में रह रहे सुधीर शर्मा को उनके एक मित्र ने सागर से फोन कर संवेदना व्यक्त की। जैसे ही उन्हें चाचा के निधन की जानकारी मिली, वे गहरे सदमे में चले गए। पहले उन्होंने परिवार से नाराज़गी जताई कि इतनी बड़ी घटना उनसे छिपाई गई, इसके बाद उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।
ब्लड प्रेशर और पल्स रेट गिरने पर उन्हें तुरंत इंदौर के चोइथराम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया।
बहन के आने तक थमी रही सांसें
सुधीर शर्मा के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिलते ही परिजन इकट्ठा हो गए। उनकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। इसी बीच भोपाल से उनकी बहन श्रीमती सुधा द्विवेदी, अपने पति डॉ. सुनील द्विवेदी के साथ अस्पताल पहुंचीं। बताया जाता है कि बहन ने जैसे ही भाई के सिर पर हाथ फेरा और भावुक होकर रो पड़ीं, कुछ ही मिनटों बाद चिकित्सकों ने सुधीर शर्मा के देवलोक गमन की पुष्टि कर दी।
एक ही दिन में दो शोक, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
20 दिसंबर 2025 को सागर में जहां अन्ना चाचा की तेरहवीं संस्कार की तैयारियां चल रही थीं, वहीं दूसरी ओर भतीजे सुधीर शर्मा की पार्थिव देह इंदौर से सागर लाई जा रही थी।
चाचा की तेरहवीं का कार्यक्रम संपन्न होने के कुछ समय बाद ही सुधीर शर्मा का अंतिम संस्कार किया गया। एक ही परिवार में एक ही दिन दो-दो अंतिम संस्कारों ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया।
यह घटना न केवल परिवार के लिए, बल्कि समाज के लिए भी अत्यंत भावुक और पीड़ादायक क्षण बन गई, जिसने रिश्तों की गहराई और मानवीय संवेदनाओं को एक बार फिर झकझोर कर रख दिया।