सागर- धूल पर लगाम, हवा को राहत: निगमायुक्त राजकुमार खत्री सड़कों पर उतरे, सफाई व्यवस्था का लिया जायजा
सागर शहर की बिगड़ती वायु गुणवत्ता और बढ़ते धूल प्रदूषण को लेकर नगर निगम अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। शुक्रवार को नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया और मौके पर ही अधिकारियों व कर्मचारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़कों की सफाई से पहले अनिवार्य रूप से पानी का छिड़काव किया जाए, ताकि ड्राई स्वीपिंग के दौरान उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण पाया जा सके। उन्होंने कहा कि बिना पानी छिड़के की जाने वाली सफाई से धूल के कण हवा में घुल जाते हैं, जो सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हैं।
निगमायुक्त खत्री ने सभी जोन प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि रोड स्वीपिंग के समय पर्याप्त मात्रा में पानी का छिड़काव हो और सफाई कार्य वैज्ञानिक व पर्यावरण अनुकूल तरीके से किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल दिखावे तक सीमित न रहे, बल्कि उसका असर हवा और वातावरण पर भी दिखाई देना चाहिए। निरीक्षण के दौरान डिवाइडरों और सड़क किनारे हरित पट्टियों की स्थिति भी निगमायुक्त की नजर से नहीं बची। उन्होंने डिवाइडरों के आसपास जमा कचरे को तुरंत हटाने और लगाए गए पौधों को नियमित पानी देने के निर्देश दिए। निगमायुक्त ने कहा कि हरी पट्टियां न सिर्फ शहर की सुंदरता बढ़ाती हैं, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण में भी अहम भूमिका निभाती हैं।
संजय ड्राइव क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने सड़क किनारे दुकान लगाने वाले दुकानदारों को भी सख्त चेतावनी दी। उन्होंने साफ कहा कि यदि दुकान के आसपास गंदगी पाई गई, तो चालानी कार्रवाई की जाएगी। दुकानदारों को निर्देश दिए गए कि कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालें। इसके बाद निगमायुक्त काकागंज वार्ड स्थित फायर स्टेशन परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने वाहन शाखा का निरीक्षण करते हुए पानी के छिड़काव वाले वाहनों की व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। निगमायुक्त ने अंत में कहा कि स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त सागर बनाने में नागरिकों की भूमिका भी बेहद अहम है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे स्वयं स्वच्छता अपनाएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें, ताकि सागर एक स्वस्थ और सुंदर शहर के रूप में विकसित हो सके।