मंत्री ने सुरखी में 800 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान, बोले विद्या से बड़ा कोई धन नहीं
सागर जिले के सुरखी विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा को प्रोत्साहन देने का एक भव्य और प्रेरणादायक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब महाकवि पद्माकर सभागार में प्रतिभाशाली विद्यार्थी सम्मान समारोह–2025 का आयोजन किया गया। इस समारोह में शैक्षणिक सत्र के दौरान 70 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करने वाले 800 से अधिक छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उत्साह, गर्व और उपलब्धि का वातावरण छाया रहा। समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत रहे, जिन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र, प्रोत्साहन राशि और स्कूटी प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि “विद्या से बड़ा कोई धन नहीं होता। विद्वान का सम्मान यत्र-तत्र सर्वत्र होता है।” उन्होंने कहा कि आज भारत के विद्यार्थी विश्व के प्रतिष्ठित संस्थानों—चाहे नासा हो या अन्य वैज्ञानिक संगठन—में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाएं जिस तेजी से आगे बढ़ रही हैं, वह अपने आप में गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र में अब बड़े शहरों की तर्ज पर स्मार्ट क्लास, आधुनिक प्रयोगशालाएं और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। मंत्री श्री राजपूत ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया। मंच से मेधावी विद्यार्थियों को एक-एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि, प्रशस्ति-पत्र और चयनित छात्राओं को स्कूटी प्रदान की गई। इसके साथ ही क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की जानकारी भी साझा की गई। सुरखी विधानसभा में संचालित 37 विद्यालयों में से 25 हाईस्कूल और 12 हायर सेकेंडरी विद्यालय हैं। अब तक 335 विद्यार्थियों को लैपटॉप, 22 को स्कूटी और 2028 विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिल वितरित की जा चुकी हैं।
भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने कहा कि मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के नेतृत्व में सुरखी विधानसभा में शिक्षा की तस्वीर बदल गई है। आधुनिक स्कूल भवन, स्मार्ट क्लास और सुरक्षित परिसर इसका प्रमाण हैं। कार्यक्रम में शिक्षा अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। समारोह का उद्देश्य केवल सम्मान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को उत्कृष्ट भविष्य के लिए प्रेरित करना रहा।