सागर- चांदामऊ मामले में खुरई में सड़कों पर उतरा आक्रोश, दो मासूमों की मौत पर बुलडोजर चलाने की मांग
सागर जिले के नरयावली थाना क्षेत्र अंतर्गत जरूवाखेड़ा पुलिस चौकी के चांदामऊ गांव में हुई हृदयविदारक आगजनी की घटना को लेकर गुरुवार को खुरई में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। इस दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चों की जान जाने के बाद और एक युवती के गंभीर रूप से झुलसने के बाद चढ़ार आठिया समाज के साथ-साथ विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने एक वर्ग विशेष के युवक पर जानबूझकर घर में आग लगाने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
दरअसल, 4 दिसंबर को चांदामऊ गांव में चढ़ार आठिया परिवार के घर में अचानक आग लग गई थी। इस भयावह हादसे में दो बच्चे और एक युवती गंभीर रूप से झुलस गए थे। इलाज के दौरान दो मासूमों ने दम तोड़ दिया, जबकि युवती अब भी जिंदगी और मौत से जूझ रही है। इस घटना के बाद से ही गांव और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है। इस मामले में समाज के लोगों और हिंदू संगठनों ने फईम उर्फ छोटू खान पर आगजनी का आरोप लगाया है।
घटना से आक्रोशित चढ़ार आठिया समाज के लोग बड़ी संख्या में महाकाली मंदिर टीन शेड पर एकत्र हुए। यहां से जुलूस के रूप में शिवाजी चौक, झंडा चौक और परसा चौराहा होते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान लोगों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर “आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाओ” और “सजा देने ” जैसे नारे लिखे थे।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम अलग-अलग ज्ञापन सौंपते हुए एसआईटी से जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की। साथ ही इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग उठाई गई। संगठनों का कहना है कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस घटना ने न केवल पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है, बल्कि कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।