गोविंद सिंह राजपूत का भाजपा कार्यालय में मंत्री का जनता दरबार, सुनी कार्यकर्ताओं की आवाज,
पार्टी नेतृत्व के लिए कार्यकर्ता सर्वोपरि हैं और उनकी सहभागिता ही संगठन की मूल शक्ति है”—यह कहना है प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का। गुरुवार को भोपाल में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत मध्यप्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।
इस दौरान कई मामलों का मौके पर ही समाधान भी किया गया। दरअसल, भाजपा संगठन द्वारा एक नई पहल की शुरुआत की गई है, जिसके तहत सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन एक मंत्री भाजपा कार्यालय में उपस्थित रहेगा और कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनेगा। इसी क्रम में गुरुवार को खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं की शिकायतें, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं।
मंत्री राजपूत ने इस पहल को कार्यकर्ता-केंद्रित और दूरदर्शी कदम बताते हुए कहा कि कई बार कार्यकर्ता यह नहीं जान पाते कि अपनी समस्या लेकर कहां जाएं। ऐसे में जब वे पार्टी मुख्यालय आएंगे, तो उन्हें कम से कम एक मंत्री जरूर मिलेगा, जो उनकी बात सुनेगा। उन्होंने बताया कि वे स्वयं सागर में हर सोमवार और गुरुवार को कार्यकर्ताओं और आमजन से नियमित रूप से मिलते हैं।
खाद्य मंत्री ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत व संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था शुरू की है। पार्टी की रीढ़ माने जाने वाले देवतुल्य कार्यकर्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता देना ही इस पहल का मूल उद्देश्य है। मंत्रीगण सीधे कार्यकर्ताओं से संवाद कर त्वरित, व्यावहारिक और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं।
गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि यह पहल संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगी, जिससे नीतियों और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक आसानी से पहुंचेगा। इससे संगठनात्मक अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही भी मजबूत होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव नहीं होगा, उन्हें सूचीबद्ध कर संबंधित विभागों को भेजा जाएगा और उनका नियमित फॉलोअप भी किया जाएगा। “जो संभव होगा, वह किया जाएगा और जो असंभव होगा, उसकी भी स्पष्ट जानकारी कार्यकर्ता को दी जाएगी,” मंत्री ने कहा। कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह पहल संगठन को और मजबूत बनाने की दिशा में एक प्रभावी मॉडल साबित होगी और इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल व सक्रियता और बढ़ेगी।