फुटपाथ कारोबार पर बुलडोज़र नीति का आरोप, भेदभावपूर्ण कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे छोटे दुकानदार
एमपी के संभाग के छतरपुर जिले के बकस्वाहा नगर में गुरुवार सुबह उस वक्त तनाव का माहौल बन गया, जब नगर परिषद की कार्रवाई से नाराज़ फुटपाथ दुकानदार सड़कों पर उतर आए। बस स्टैंड क्षेत्र में नगर परिषद की मुख्य नगरपालिका अधिकारी नेहा शर्मा के निर्देश पर अमले ने फुटपाथ पर लगी छोटी दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई शुरू होते ही दुकानदारों में भारी आक्रोश फैल गया। दुकानदारों का आरोप है कि कार्रवाई भेदभावपूर्ण है और चुनिंदा दुकानों को ही निशाना बनाया जा रहा है। आक्रोशित दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और सीएमओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। देखते ही देखते सभी छोटे व्यापारी एकजुट होकर तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए नगर परिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
दुकानदारों का कहना है कि फुटपाथ विक्रेताओं को हर दिन एक जगह से दूसरी जगह हटाया जाता है, जिससे समय पर दुकानें नहीं खुल पातीं और आधा दिन का कारोबार चौपट हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर परिषद के कुछ कर्मचारी न सिर्फ अभद्र व्यवहार करते हैं, बल्कि कार्रवाई के दौरान दुकानों पर लगे तिरपालों को चाकू से फाड़ दिया जाता है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। सब्ज़ी, फल-फूल, मनहारी और नाश्ते की छोटी दुकानों पर निर्भर ये परिवार अब रोज़गार के संकट से जूझ रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि रोज़-रोज़ की इस अनिश्चितता ने उनके सामने परिवार के पालन-पोषण का बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।
फुटपाथ दुकानदारों ने प्रशासन से स्थायी स्थान उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि उनका रोजगार बाधित न हो और वे सम्मानपूर्वक अपनी आजीविका चला सकें। इस दौरान तहसीलदार भारत पांडे ने ज्ञापन प्राप्त कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। दुकानदारों ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि स्थायी व्यवस्था नहीं की गई, तो वे सामूहिक धरना और बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। विरोध में मोहित पटेल, गोवर्धन पटेल, रामप्रसाद पटेल, अनुरुद्ध पटेल, धनेराम पटेल, लखन पटेल सहित बस स्टैंड क्षेत्र के सभी छोटे दुकानदार मौजूद रहे।