सागर में फिर सजेगा स्वदेशी का महाकुंभ, स्वदेशी मेला’ बनेगा युवा प्रतिभा, संस्कृति और कारोबार का मंच
स्वदेशी, संस्कृति और आत्मनिर्भर भारत की भावना को सशक्त करने वाला स्वदेशी मेला एक बार फिर सागर में भव्य रूप से सजने जा रहा है। शहर में तीसरी बार स्वदेशी जागरण मंच के तत्वावधान में स्वर्णिम भारतवर्ष फाउंडेशन द्वारा आयोजित स्वदेशी मेला का भूमिपूजन एवं मेला कार्यालय उद्घाटन गुरुवार को सागर शहर के पीटीसी ग्राउंड में विधिवत संपन्न हुआ। यह मेला 23 दिसंबर 2025 से 4 जनवरी 2026 तक आमजन के लिए खुलेगा। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महापौर संगीता सुशील तिवारी और समाजसेवी मीना पिंपलापुरे रहीं। इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के मध्य क्षेत्र संयोजक सुधीर दांते ने कहा कि स्वदेशी मेला केवल व्यापार का मंच नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं की सांस्कृतिक, रचनात्मक और व्यापारिक प्रतिभा को निखारने का सुअवसर है। उन्होंने कहा कि देश का उत्थान तभी संभव है, जब हम स्वदेशी को अपनाकर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाएं।
आरएसएस क्षेत्र समरसता प्रमुख सुनील देव ने मेले के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज में स्वदेशी के प्रति जागरूकता बढ़ाना इस आयोजन का मूल लक्ष्य है। मेले की एक बड़ी विशेषता की जानकारी देते हुए स्वदेशी जागरण मंच महाकौशल प्रांत संयोजक कपिल मलैया ने बताया कि 30 दिसंबर को सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दिव्य दर्शन स्वदेशी मेला में कराए जाएंगे, जो श्रद्धालुओं के लिए एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अवसर होगा। मेला संयोजिका दीप्ति चंदेरिया ने बताया कि मेले में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 200 स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां स्वदेशी उत्पाद, हस्तशिल्प, वस्त्र और पारंपरिक कलाकृतियां उपलब्ध रहेंगी। बच्चों और युवाओं के लिए गगनचुंबी झूला विशेष आकर्षण रहेगा।
प्रांत संयोजक नितिन पटैरिया ने कहा कि मेले में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, खेल प्रतियोगिताएं, क्राफ्ट, व्यंजन और युवा गतिविधियों का आयोजन होगा। वहीं जिला संयोजक सौरभ रांधेलिया ने बताया कि यह मेला लोगों को स्वदेशी अपनाने और विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार के लिए प्रेरित करेगा। स्वदेशी मेला प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 10:30 बजे तक खुला रहेगा। आयोजकों ने नागरिकों से अपील की है कि वे परिवार सहित पहुंचकर स्वदेशी अभियान को मजबूत बनाएं।