गांव-गांव बिक रही कच्ची शराब, महिलाओं का फूटा गुस्सा, कलेक्टर-एसपी कार्यालय का किया घेराव
एमपी के सिवनी जिले के ग्रामीण अंचलों में कच्ची शराब का अवैध कारोबार लगातार फैलता जा रहा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि शराब का ज़हर अब केवल बड़ों तक सीमित नहीं, बल्कि बच्चों तक भी पहुंच रहा है। प्रशासन के डर से बेखौफ शराब माफिया गांव-गांव खुलेआम कच्ची शराब बेच रहे हैं, जिससे कई परिवारों के घर उजड़ने की कगार पर हैं। सिवनी मुख्यालय से सटे गांव डौरली छतरपुर का मामला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। यहां शराब की लत ने सामाजिक ताने-बाने को बुरी तरह झकझोर दिया है। महिलाओं का कहना है कि गांव में सुबह से देर रात तक शराब बिकती है, जिससे पुरुष ही नहीं, बल्कि किशोर और बच्चे भी इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। कई घरों में हालात इतने खराब हैं कि बाप और बेटा एक साथ शराब पीते नजर आते हैं।
इस गंभीर समस्या से त्रस्त होकर गांव की सैकड़ों महिलाएं एकजुट हुईं और जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया। हाथों में तख्तियां लेकर महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कच्ची शराब पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। महिलाओं ने बताया कि शराब के कारण घरों में रोजाना झगड़े, मारपीट और आर्थिक तंगी बढ़ रही है। बच्चों की पढ़ाई छूट रही है और महिलाओं को मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे शराब माफियाओं के हौसले और बुलंद हो गए हैं।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने एसपी को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द ही गांवों में कच्ची शराब की बिक्री बंद नहीं कराई गई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगी। सरपंच प्रतिनिधियों ने भी महिलाओं का समर्थन करते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस जनआक्रोश के बाद जागेगा, या फिर गांवों में कच्ची शराब का यह ज़हर यूं ही परिवारों को तबाह करता रहेगा।