जंगल में मिला बाघ का शव, वन विभाग में हड़कंप, डॉग स्क्वॉड से जांच, हर एंगल से पड़ताल |SAGAR TV NEWS
मध्यप्रदेश के उमरिया जिले से इस वक्त एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। चंदिया वन परिक्षेत्र में एक बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। जैसे ही यह सूचना मिली, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेराबंदी कर सघन जांच शुरू कर दी गई। बाघ की जान जाना प्राकृतिक है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश—इस सवाल का जवाब तलाशा जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, उमरिया जिले के सामान्य वन मंडल अंतर्गत चंदिया वन परिक्षेत्र के आरएफ-10 क्षेत्र में कर्वी नदी के किनारे बाघ का शव संदिग्ध हालत में मिला। घटना की खबर फैलते ही आसपास के वन क्षेत्र में हलचल मच गई। मौके पर एसडीओ कुलदीप त्रिपाठी, रेंजर और वन अमले की टीम पहुंची और तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
वन विभाग ने एहतियातन पूरे घटनास्थल को रस्सियों से घेर दिया है, ताकि किसी भी तरह के सबूत से छेड़छाड़ न हो सके। डॉग स्क्वॉड को भी मौके पर बुलाया गया है, जो जंगल के आसपास हर संभावित रास्ते और गतिविधि की जांच कर रहा है। इसके साथ ही घटनास्थल के पास से गुजर रही बिजली लाइन की भी बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि करंट या तकनीकी कारणों की संभावना को खारिज या पुष्टि किया जा सके। खास बात यह है कि यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब प्रदेश में बाघ गणना का कार्य चल रहा है।
बाघों की संख्या को लेकर सकारात्मक उम्मीदों के बीच इस तरह की घटना ने वन विभाग के साथ-साथ वन्यजीव प्रेमियों को भी चिंता में डाल दिया है। बाघ जैसी संरक्षित प्रजाति की मौत ने वन सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। वन विभाग का कहना है कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के बाद ही बाघ की मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
फिलहाल हर एंगल से जांच की जा रही है—चाहे वह प्राकृतिक कारण हो, दुर्घटना हो या फिर अवैध गतिविधि। उमरिया के जंगल में मिली बाघ की यह मौत सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि वन संरक्षण और सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ा अलार्म है। अब सबकी निगाहें वन विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह बताएगी कि जंगल के राजा की मौत आखिर कैसे हुई।