Sagar- नपा की बैठक में जनता को राहत, जल-स्वच्छता कर बढ़ोतरी खारिज, पार्किंग जोन प्रस्ताव भी रद्द
सागर जिले के बीना नगरपालिका की शुक्रवार दोपहर हुई परिषद बैठक में कई अहम मुद्दों पर जोरदार चर्चा देखने को मिली। जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाले प्रस्तावों को पार्षदों ने सिरे से खारिज कर दिया, वहीं शहर के विकास और व्यवस्थाओं से जुड़े कई फैसलों पर संतुलित रुख अपनाया गया। बैठक की शुरुआत सीएमओ राहुल कौरव ने एजेंडे के पहले बिंदु से की। उन्होंने बताया कि सर्वोदय चौराहे पर प्रस्तावित शौचालय की जगह पुलिस थाने के पीछे निर्माण की संभावना है।
परिषद ने इस पर तत्काल निर्णय लेने के बजाय पाँच सदस्यीय समिति गठित करने का फैसला किया, जो स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपेगी। शिव वार्ड के पार्षद सौरभ कैथोरिया ने सुपर मार्केट में पिछले तीन वर्षों से अधूरे पड़े शौचालय का मुद्दा उठाया। सीएमओ ने बताया कि संबंधित ठेकेदार को टर्मिनेट कर दिया गया है और जल्द ही नया टेंडर जारी किया जाएगा।
बैठक में गांधी तिराहे पर प्रतिमा परिवर्तन का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन सभी पार्षदों ने एकमत होकर इसे खारिज कर दिया। उपाध्यक्ष रमाकांत बिलगैया ने स्पष्ट कहा कि पहले भी प्रतिमा लगाने के नाम पर विवाद और घोटाले हो चुके हैं, इसलिए मौजूदा प्रतिमा का ही सौंदर्यीकरण बेहतर विकल्प है। मारुति मंदिर के सामने पार्किंग जोन बनाने के प्रस्ताव पर भी आपत्ति दर्ज की गई। वार्ड पार्षद प्रतिमा ठाकुर की आपत्ति के बाद यह प्रस्ताव भी निरस्त कर दिया गया। बैठक का सबसे अहम मुद्दा जलकर और स्वच्छता कर बढ़ाने का था। सीएमओ ने 15वें वित्त आयोग की राशि प्राप्त करने के लिए कर बढ़ाने का सुझाव दिया, लेकिन परिषद ने स्पष्ट कहा कि जनता पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा। जलकर और स्वच्छता कर में बढ़ोतरी को पूरी तरह खारिज कर दिया गया। हालांकि कुछ अन्य करों में मामूली वृद्धि पर सहमति बनी।
रिफाइनरी विस्तार से शहर में बढ़ती आबादी और दबाव को लेकर भी चिंता जताई गई। परिषद ने रिफाइनरी से सीएसआर फंड की मांग करने और बाहरी लोगों के लिए विशेष कर व्यवस्था पर विचार करने का सुझाव दिया। अंत में चौराहों के सौंदर्यीकरण, सिग्नल और संकेतक लगाने के प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुए। बैठक में अध्यक्ष लता सकवार सहित कई पार्षद मौजूद रहे। कुल मिलाकर परिषद ने जनता को राहत देते हुए यह संदेश दिया कि विकास होगा, लेकिन आम नागरिक की जेब पर बोझ डालकर नहीं।