Sagar -कड़ाके की ठंड में मानवता की मिशाल, शहीद और पूर्वजों की स्मृति में रात में बाँटे गए कंबल
सागर में ठंड ने दस्तक दे दी है और इसी के साथ सामाजिक संगठनों ने जरूरतमंदों के बीच सेवा का जज़्बा दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार देर शाम शहर के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक अनोखी परंपरा को निभाते हुए शहीद आशुतोष पांडे और समाजसेवी स्वर्गीय नर्मदा प्रसाद दुबे की स्मृति में कंबल वितरण अभियान चलाया। यह कार्यक्रम कठवा पुल मंदिर, दादा दरबार मंदिर और पहलवान बब्बा मंदिर के आसपास मौजूद जरूरतमंदों के बीच आयोजित किया गया।
ठंड के मौसम में बेघर और गरीब लोगों के लिए यह पहल किसी राहत से कम नहीं थी। अभियान का नेतृत्व मध्यप्रदेश शासन के अपर लोक अभियोजक दीपक पौराणिक ने किया। उन्होंने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी कंबल व गर्म कपड़े वितरण को एक सामाजिक अभियान का रूप दिया जा रहा है, जिसे भविष्य में और बड़े स्तर पर चलाने की तैयारी है।
दीपक पौराणिक ने कहा कि—“हमने तय किया है कि पूर्वजों, शहीदों की स्मृति, जन्मदिन या अन्य शुभ अवसरों पर हम ठंड से लड़ रहे जरूरतमंदों तक गर्म कपड़े और कंबलों को पहुंचाने का अभियान निरंतर चलाते रहेंगे। समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से इसे और विस्तार दिया जाएगा।” इस सेवा कार्य में पितृ सेवा समिति, सिंहस्थ ग्रुप, श्रीराम सेवा समिति सहित कई सामाजिक संगठन जुड़े रहे। देर रात तक स्वयंसेवकों ने सड़कों पर घूमकर उन जगहों को चिन्हित किया जहां जरूरत मंद लोग ठंड से बचने के लिए संघर्ष करते दिखाई दिए और उन्हें कंबल वितरित किए गए।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे — दीपक पौराणिक, रामबाबू रावत, लकी सराफा, सुशील पटेल, एडवोकेट अमन ठाकुर, एडवोकेट योगेश श्रीवास्तव, एडवोकेट विनीत पटेरिया और शानू चौबे। कहना गलत नहीं होगा कि इस कड़ाके की ठंड में सामाजिक संगठनों की यह मानवीय पहल न सिर्फ जरूरतमंदों को राहत दे रही है, बल्कि समाज में सेवा और संवेदना का संदेश भी दे रही है।