बांध को लेकर किसानों का अनोखा विरोध ! मुंह काला कर ‘मुर्गा आंदोलन’, बोले– क्या न्याय मांगना अपराध है?
मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के खकनार तहसील क्षेत्र में पांगरी बांध परियोजना को लेकर किसानों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब किसानों ने ऐसा अनोखा और सोचने पर मजबूर कर देने वाला आंदोलन किया, जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए किसानों ने बुधवार को मुंह काला कर ‘मुर्गा बनो’ आंदोलन किया। आंदोलन के दौरान दर्जनों किसान अपने हाथों से चेहरे पर कालिख पोतकर सड़क पर मुर्गा बन गए। किसानों का कहना है– “क्या हम आदिवासी किसान न्याय मांग रहे हैं, इसलिए अपराधी की तरह बर्ताव किया जा रहा है?”
किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन लगातार भेदभावपूर्ण आचरण कर रहा है। कई दिनों से शांतिपूर्ण सत्याग्रह और धरना देने के बावजूद न तो विभागीय अधिकारी मौके पर आए और न ही किसी ने किसानों की समस्याओं को समझने का प्रयास किया।
किसानों ने कहा कि पांगरी बांध परियोजना पिछले कई वर्षों से आदिवासी समाज और पूरे प्रदेश के लिए एक रहस्य और अचरज का विषय बनी हुई है। बांध का भविष्य क्या होगा, भूमि अधिग्रहण कैसे होगा, मुआवजा मिलेगा या नहीं—इन सब सवालों का जवाब किसी के पास नहीं है।
आंदोलन में शामिल किसान भावुक होकर बोले—“जब हम अपनी जमीन, अपने हक और अपने भविष्य की बात करते हैं तो हमें ही गलत ठहराया जाता है। क्या न्याय मांगना भी अपराध हो गया है?”
कई महिलाओं और बुजुर्ग किसानों ने भी इस आंदोलन में हिस्सा लिया और कहा कि प्रशासन उनकी पीड़ा सुनने के बजाय लगातार नजरअंदाज कर रहा है।
इधर, आंदोलन की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी भी हरकत में आए। अपर कलेक्टर वीर सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर शासन स्तर पर चर्चा की जा रही है और जल्द समाधान तलाशने की कोशिश की जाएगी।
पांगरी बांध को लेकर आदिवासी किसानों का यह अनोखा विरोध अब प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में गर्म चर्चा का विषय बना हुआ है।