42 दिन में 42 नक्सली ढेर, मध्यप्रदेश ने रचा इतिहास, अब पूरी तरह नक्सल-मुक्त
मध्यप्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में सुरक्षा बलों ने लगातार 42 दिनों तक चले ऑपरेशन में 42 खूंखार नक्सलियों को ढेर कर दिया है। इसके साथ ही प्रदेश अब पूरी तरह नक्सल-मुक्त घोषित हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के “नक्सल मुक्त भारत 2026” विज़न को सबसे तेज़ गति देने वाला राज्य अब मध्यप्रदेश बन गया है।
नक्सल प्रभावित इलाकों में पिछले कई वर्षों से सुरक्षा बलों पर हमले, ग्रामीणों में डर और विकास कार्यों पर रोक जैसी बड़ी समस्याएं मौजूद थीं। लेकिन पिछले डेढ़ महीने में जिस तरह से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने आक्रामक रुख अपनाया, उसने नक्सलवाद की कमर तोड़ दी। आंकड़ों पर नज़र डालें तो 1990 से 2024 तक— यानी 35 साल में कुल 188 नक्सली मारे गए थे, जबकि साल 2025 में सिर्फ़ 42 दिन में 42 नक्सली ढेर कर दिए गए। यानी पहले की तुलना में करीब 300 गुना तेज़ एक्शन।
पुलिस सूत्रों के अनुसार यह ऑपरेशन रणनीतिक रूप से बेहद सटीक था। ड्रोन सर्विलांस, जंगलों में कॉम्बिंग, स्थानीय खुफिया नेटवर्क और पुनर्वास नीति—इन सभी ने मिलकर नक्सल गतिविधियों को जड़ से खत्म कर दिया। इतना ही नहीं, कई नक्सलियों ने हथियार डालकर सरकार की सरेंडर और पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण भी किया।
सरकार का कहना है कि यह सिर्फ़ ऑपरेशन की जीत नहीं, बल्कि उन शहीद जवानों को सच्ची श्रद्धांजलि है जो पिछले वर्षों में नक्सलवाद से लड़ते हुए शहीद हुए। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे "शहीदों के बदले की पूर्ति" बताया। वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी मध्यप्रदेश को देश का रोल मॉडल स्टेट बताते हुए इसे बड़े अभियान की शुरुआत माना है।
अब सवाल यह है कि मध्यप्रदेश की इस सफलता के बाद क्या 2026 तक पूरे देश को नक्सल-मुक्त बनाया जा सकेगा? केन्द्र और राज्य सरकारों का कहना है—“हाँ, अब नक्सलियों की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है।