यातायात व्यवस्था ध्वस्त! चौराहों पर अफरा-तफरी… “बत्ती” और “वर्दी” दोनों गायब
एमपी के शिवपुरी में इन दिनों ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। शहर की सड़कें जाम से कराह रही हैं, चौराहों पर अफरा-तफरी मची रहती है और सबसे अहम—जहां ट्रैफिक पुलिस की सबसे ज्यादा जरूरत है, वहां “बत्ती” और “वर्दी” दोनों नदारद हैं। हालात ऐसे हैं कि लोग रोजाना जाम में फंसने को मजबूर हैं, लेकिन प्रशासन की नींद नहीं खुल रही।
शहर के प्रमुख चौराहे—माधव चौक, गुरुद्वारा, झांसी तिराहा और पोहरी चौराहा—ये सभी दिनभर जाम की मार झेल रहे हैं। जहां से हज़ारों वाहन रोज गुजरते हैं, वहां न तो ट्रैफिक सिग्नल काम कर रहे हैं और न ही ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौजूद रहते हैं। कभी यहां व्यवस्था संभालने वाले जवान आज या तो नदारद हैं, या फिर किसी कोने में बैठकर केवल औपचारिकता निभाते दिखाई देते हैं।
मार्केट की बात करें तो हालात और बदतर हैं। कई जगहों पर दोपहिया वाहन निकालना भी चुनौती बन चुका है। जिन चौराहों पर सिग्नल लगाए गए थे, वहां बत्तियां महीनों से बंद पड़ी हैं। वन-वे सिस्टम भी कुछ दिनों में ही दम तोड़ चुका है। ऐसे में ट्रैफिक पूरी तरह भगवान भरोसे चल रहा है। शहर के लोग और कांग्रेस पार्टी इस लापरवाही को लेकर खुलकर मुखर हैं। कांग्रेस जिला अध्यक्ष का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस शहर की व्यवस्था सुधारने के बजाय बाहर बायपास और नाकों पर “उगाही” में ज्यादा व्यस्त है।
यही कारण है कि शहर की मुख्य सड़कें असुरक्षित और अव्यवस्थित होती जा रही हैं। वरिष्ठ पत्रकारों का भी कहना है कि शिवपुरी का ट्रैफिक सिस्टम दिन-ब-दिन बेकाबू होता जा रहा है। शहर बढ़ रहा है, वाहन बढ़ रहे हैं, लेकिन ट्रैफिक मैनेजमेंट वहीं का वहीं खड़ा है। शिवपुरी में यातायात व्यवस्था में सुधार की जरूरत अब तत्काल हो चुकी है। सवाल यह है—शहर इंतजार कब तक क