वक्फ संपत्ति के दावे के बीच प्रशासन की कार्रवाई, दरगाह के पास से अतिक्रमण हटाया !
एमपी के खंडवा के सिहाड़ा गांव में आज प्रशासन ने उस स्थान पर बड़ी कार्रवाई की, जिसे लेकर पिछले महीने से ही विवाद गर्माया हुआ था। दरगाह मस्तान पीर मोजा बाबा के आसपास बने निर्माण को हटाने की प्रक्रिया सुबह से ही शुरू हो गई। इस विवाद की जड़ में जमीन की मालिकाना हक़ को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हैं—ग्राम पंचायत और वक्फ कमेटी। दरअसल, ग्राम पंचायत ने दरगाह के आसपास के क्षेत्र को शासकीय भूमि बताते हुए अतिक्रमण हटाने का आवेदन प्रशासन को दिया था।
जिसके जवाब में स्थानीय वक्फ कमेटी ने दावा किया कि दरगाह, इमामबाड़ा और ईदगाह की जमीन वक्फ की संपत्ति है और यह मामला भोपाल वक्फ ट्रिब्यूनल में लंबित है। पिछले महीने ट्रिब्यूनल ने दोनों पक्षों को सुनवाई के लिए बुलाया था, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
इधर पंचायत का आरोप है कि मामले का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने शासकीय भूमि पर कब्जा कर लिया था और प्रस्तावित मार्केट निर्माण में बाधा डाल रहे थे। पंचायत द्वारा फरवरी में नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन जवाब नहीं मिला। सरपंच प्रतिनिधि हेमंत सिंह चौहान ने स्पष्ट कहा—“यह जमीन शासकीय है, वक्फ का दावा गलत है। यहां मार्केट निर्माण का प्रस्ताव पारित हो चुका है। नोटिस देने के बावजूद किसी ने कागज़ जमा नहीं किए, उल्टा पूरे गांव को वक्फ संपत्ति बता दिया गया।”
वहीं वक्फ कमेटी के रियाज खान का कहना है—“यह जमीन 40 हजार स्क्वेयर फीट है और वक्फ की संपत्ति है। दरगाह गजट में भी दर्ज है। हमारा केस ट्रिब्यूनल में चल रहा है, लेकिन उससे पहले ही प्रशासन ने बिना नोटिस कार्रवाई कर दी।” स्थिति को संवेदनशील देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। नगर पुलिस अधीक्षक अभिनव बारंगे ने बताया कि 6 थानों की पुलिस लगाई गई थी ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या न हो। एसडीएम बजरंग बहादुर ने कहा—“शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा हटाया गया है। आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।”