Sagar -मानवता को सबसे बड़ी भेंट, 82 वर्षीय बुजुर्ग का देहदान, मेडिकल शिक्षा को मिलेगा नया जीवन
सागर से एक हृदय को स्पर्श करने वाली खबर सामने आई है। यहां मानवता को समर्पित एक ऐसा पुण्य कार्य हुआ है, जो समाज के लिए मिसाल बन गया। बरिया घाट, सागर के 82 वर्षीय स्वर्गीय श्री हीरा लाल शर्मा ने अपने जीवनकाल में ही एक बड़ा निर्णय लेते हुए शिक्षण एवं अनुसंधान कार्य हेतु अपने पार्थिव शरीर को दान करने की इच्छा व्यक्त की थी। सोमवार को उनके परिजनों ने उस संकल्प को पूरा करते हुए बीएमसी सागर के एनाटॉमी विभाग को उनका शरीर देहदान स्वरूप सौंप दिया।
बीएमसी प्रशासन के अनुसार, स्व. श्री हीरा लाल शर्मा ने 07 दिसंबर 2025 को देहदान का फॉर्म भरकर समाजोपयोगी कार्य के प्रति अपनी गहरी भावना प्रकट की थी। उनके निधन के बाद 6 घंटे के भीतर देहदान की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान बीएमसी के डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर, एनाटॉमी विभाग के प्राध्यापक तथा समस्त स्टाफ मौजूद रहे।
डॉ. ठाकुर ने कहा कि “यह देहदान न सिर्फ चिकित्सा विद्यार्थियों को सीखने में मदद करेगा, बल्कि समाज को प्रेरणा देने वाला कदम भी है। स्व. श्री हीरा लाल शर्मा व उनके परिवार के प्रति हम हृदय से कृतज्ञ हैं। यह इस महाविद्यालय में तीसरा देहदान है, जिसे शासन के निर्देशानुसार गार्ड ऑफ हॉनर प्रदान किया गया।” कार्यक्रम के अंत में विभागाध्यक्ष सहित समस्त स्टाफ ने देहदाता के परिवार को धन्यवाद दिया और इस महान कार्य के लिए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्य चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा देते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होते हैं। देहदाता का पार्थिव शरीर अब मेडिकल विद्यार्थियों के प्रशिक्षण हेतु उपयोग किया जाएगा, जिससे भविष्य के डॉक्टर मानव शरीर की बारीकियों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। यह वास्तव में मानवता की वह अनमोल भेंट है, जो मृत्यु के बाद भी समाज के लिए काम आती है। देहदाता की जानकारी नाम: स्व. श्री हीरा लाल शर्मा, आयु: 82 वर्ष, पता: बरिया घाट, सागर, परिजन: श्री सूर्य प्रकाश शर्मा (भतीजे)