Sagar - योग से मिले शक्ति-शांति-नया जीवन: 55वें स्थापना दिवस पर बोले पूज्य रविशंकर महाराज
सागर में योग निकेतन योग प्रशिक्षण धाम के 55वें स्थापना दिवस समारोह का भव्य समापन हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रसिद्ध संत पूज्य श्री रविशंकर जी महाराज ने कहा कि योग सिर्फ व्यायाम नहीं, बल्कि शांति, शक्ति, विश्वास और निरोगी काया का मार्ग है। उन्होंने कहा— “योग परंपरा हमें नया जीवन देती है। हर व्यक्ति को सुबह योग, ध्यान और सात्विक जीवन अपनाना चाहिए।” समारोह में रावतपुरा सरकार ने संस्थान के संस्थापक एवं योगाचार्य श्री विष्णु आर्य को शाल व श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद दिया और कहा कि योग केवल संतो की विद्या नहीं, बल्कि सामान्य मनुष्य के जीवन के लिए भी उतनी ही महत्वपूर्ण विद्या है।
पूज्य श्री रविशंकर महाराज ने बताया कि योग धाम में श्री राजराजेश्वरी त्रिपुरा सुंदरी का विधिवत पूजन और हवन प्रतिदिन होता है, जो सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा— “योगाचार्य विष्णु आर्य लंबे समय से योग की साधना में लगे हैं और समाज को सही दिशा दे रहे हैं।” संस्थान के संस्थापक योगाचार्य विष्णु आर्य ने बताया कि योग निकेतन पिछले 55 वर्षों में बुंदेलखंड का सबसे पुराना और विश्वसनीय योग संस्थान बन चुका है। यह एकमात्र ऐसा केंद्र है जो अपनी भूमि पर निर्मित है और जहाँ नियमित योग कार्यक्रम और प्रशिक्षण संचालित होते हैं। उन्होंने कहा— “योग पद्धति शारीरिक ही नहीं, मानसिक और आध्यात्मिक उन्नति का भी माध्यम है।”
स्थापना दिवस के मुख्य आयोजन , दो दिवसीय समारोह में— देवी श्री यंत्र का अभिषेक, सहस्त्र कुमकुम अर्चन, लक्ष्मी नारायण अभिषेक, श्री सूक्त, गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय हवन, पूर्णाहुति, धार्मिक विधि-विधानों के साथ सम्पन्न हुआ। सम्मानित अतिथि व शामिल लोग। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी, सुशील तिवारी, सुरेंद्र सुहाने, प्राचार्य महेंद्र प्रताप तिवारी, गायत्री परिवार के डॉ. आर.एन. यादव, सुबोध आर्य, अमित गुप्ता समेत जिले के अनेक गणमान्य नागरिक एवं योग प्रेमी शामिल हुए।