Sagar -शाहगढ़ में जननायक गोंड सभ्यता के महानायकों पर शानदार नृत्य नाटक! भीड़ उमड़ी
सागर जिले के शाहगढ़ में मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय जननायक कार्यक्रम बुधवार रात भव्यता के साथ संपन्न हुआ। गोंड सभ्यता के महानायकों पर आधारित नृत्य नाटकों को देखने के लिए बड़ा ग्राउंड में दर्शकों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कड़ाके की ठंड के बावजूद लोगों की भारी भीड़ ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। कार्यक्रम 4, 5 और 6 दिसंबर को प्रतिदिन शाम साढ़े छह बजे से रात आठ बजे तक आयोजित हुआ। पहले दिन मंच पर राजा पेमलशाह के जीवन और पराक्रम पर आधारित नृत्य नाटक का आकर्षक मंचन किया गया। रंग, संगीत और भावपूर्ण नृत्य से सजे इस प्रस्तुति ने दर्शकों को गोंड इतिहास के वैभव से रूबरू कराया।
दूसरे दिन राजा हीरखान सिंह पर केंद्रित नृत्य नाटक ने माहौल में देशभक्ति और शौर्य का संचार किया। कलाकारों ने दृश्यों को इस तरह जीवंत किया कि दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा मैदान गुंजा दिया। अंतिम दिन यानी 6 दिसंबर को कार्यक्रम का सबसे बहुप्रतीक्षित मंचन हुआ—वीरांगना रानी दुर्गावती पर आधारित नृत्य नाटक। वीरांगना की शौर्य गाथा, उनके संघर्ष, और बलिदान को कलाकारों ने इतनी प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया कि दर्शक भावुक हो उठे। यह प्रस्तुति पूरे कार्यक्रम की शान बन गई।
जननायक कार्यक्रम का निर्देशन रामचंद्र सिंह और नवीन सिंह ने किया। संगीत संयोजन मिलिंद त्रिवेदी, कुलदीप सारवा और किशन राय द्वारा तैयार किया गया, जिसने हर प्रस्तुति को और अधिक आकर्षक और प्रभावशाली बनाया। समापन समारोह में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी उपस्थित होकर कलाकारों का मनोबल बढ़ाया और शासन की इस पहल की सराहना की। शाहगढ़ का यह तीन दिवसीय जननायक कार्यक्रम न सिर्फ मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि गोंड सभ्यता के महानायकों की परंपरा, शौर्य और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण प्रयास भी साबित हुआ।