डेढ़ साल से फरार 30 हजार का ईनामी कातिल गिरफ्तार ! अंधे कत्ल का खुलासा, पुलिस ने सुलझाई पहेली
एमपी के बुरहानपुर की लालबाग पुलिस ने डेढ़ वर्ष से फरार चल रहे 30 हजार के ईनामी और अंधे कत्ल के मुख्य आरोपी हुसन सिंह को यूपी के आगरा शहर से गिरफ्तार कर लिया है। यह वही मामला है जिसने मई 2024 में पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया था, जब कुंडी भंडारा क्षेत्र में एक अधजला शव मिला था और पहचान तक मुश्किल हो गई थी। 25 मई 2024… कुंडी भंडारा के पास जंगल में एक अज्ञात व्यक्ति का अधजला शव मिलने पर पुलिस ने मर्ग दर्ज किया। शुरुआत में शव की जेब से मिले आधार कार्ड और कुछ दस्तावेजों ने जांच को उलझा दिया, क्योंकि सभी कागज़ हुसन सिंह के नाम पर थे। लेकिन पुलिस की बारीकी से हुई जांच में चौंकाने वाला सच सामने आया।
पता चला कि हुसन सिंह और उसका साथी गणेश शर्मा, जो पनवेल में मिलकर होटल चलाते थे, किसी बड़े षड्यंत्र की तैयारी कर चुके थे। दोनों ने मनमाड से एक मजदूर—31 वर्षीय कैलाश सावले निवासी मुकुंदवाड़ी, संभाजीनगर—को बहला-फुसलाकर बुलाया, उसे शराब पिलाई और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद पहचान मिटाने के लिए पेट्रोल डालकर शव को जला दिया गया। सबसे बड़ा प्लान—हुसन ने अपना आधार कार्ड मृतक की जेब में डाल दिया ताकि पुलिस हुसन को ही मरा हुआ मान ले और मामला पूरी तरह गुमराह हो जाए।
लेकिन पुलिस ने तकनीकी जांच, सीसीटीएनएस डेटा, डीएनए रिपोर्ट और लगातार निगरानी की मदद से मृतक की सही पहचान कर ली। आरोपी की तलाश में पुलिस टीमों ने महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और यूपी सहित कई राज्यों में दबिश दी। अंततः आगरा एटीएस और यूपी एसटीएफ की मदद से हुसन सिंह को दबोच लिया गया। पुलिस का कहना है कि फरार साथी गणेश शर्मा की तलाश जारी है। यह पूरा मामला दिखाता है कि चाहे अपराधी कितनी भी चालाकी क्यों न कर ले, कानून के हाथ लंबे होते हैं।