फेरिक सल्फेट फैक्ट्री में गैस रिसाव से मचा हड़कंप, कई मजदूर अस्पताल में भर्ती, जिम्मेदार अधिकारी लापता !
मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के जावरा में शनिवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब फेरिक सल्फेट बनाने वाली एक फैक्ट्री में अचानक गैस रिसाव हो गया। गैस की तेज़ गंध से माहौल दमघोंटू हो गया और मजदूरों को सांस लेने में भारी दिक्कत होने लगी। देखते ही देखते फैक्ट्री परिसर चीख-पुकार और भगदड़ में बदल गया।
लेकिन राहत की बात यह रही कि बड़ा विस्फोट या आगजनी जैसी घटना नहीं हुई। रतलाम नाका स्थित औद्योगिक क्षेत्र में चल रही इस फैक्ट्री में अचानक एक पुराने गैस सिलेंडर में लीकेज हो गया। जैसे ही जहरीली गैस हवा में फैलने लगी, मजदूर खांसने लगे, आंखों में जलन हुई और कई लोगों की हालत बिगड़ने लगी। मजदूर घबराकर फैक्ट्री से बाहर की ओर भागे और कुछ वहीं बेहोश होकर गिर पड़े।
सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें तेजी से घटनास्थल पर पहुंचीं। रेडक्रॉस और सिविल अस्पताल की एंबुलेंसों ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित मजदूरों को तुरंत नर्सिंग होम और जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना के समय फैक्ट्री का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। मजदूरों के मुताबिक, बार-बार शिकायतों के बावजूद फैक्ट्री प्रबंधन ने पुराने और खराब गैस सिलेंडरों को नहीं बदला था।
प्राथमिक जांच में साफ हुआ है कि सिलेंडर फटने की स्थिति में था और समय रहते नियंत्रण न होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। गैस रिसाव के बाद आसपास की करीब 10 फैक्ट्रियों में काम रोक दिया गया और सभी मजदूरों को तुरंत घर भेज दिया गया ताकि किसी और को नुकसान न हो।
घटना की जानकारी मिलते ही रतलाम कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम सुनील जायसवाल, सीएसपी युवराज सिंह चौहान, औद्योगिक थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान और स्थानीय विधायक डॉ. राजेंद्र पांडे मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं और फैक्ट्री प्रबंधन पर कार्रवाई की भी तैयारी है। इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या नियमों की अनदेखी आगे भी मजदूरों की जान जोखिम में डालती रहेगी? जांच रिपोर्ट इसका जवाब देगी।