Sagar - मक्का खरीदने गिने चुने व्यापारी लगा रहे बोली, किसानों को मिल रहा कम भाव |SAGAR TV NEWS|
सागर जिले में मक्का की खेती में इस बार किसानों को रुला दिया है क्योंकि एक तरफ जहां बारिश होने की वजह से अच्छी उपज नहीं मिली तो दूसरी तरफ जिन किसानों को उत्पादन अच्छा मिल गया उन्हें भाव नहीं मिल रहा है और मक्का की फसल का हाल सोयाबीन से भी खराब रहा लेकिन मजबूरी के चलते किसान अपनी उपज को लेकर मंडी में पहुंच रहे हैं और माटी मोल भाव में बेच रहे हैं,
बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन कम भाव मिलने से मायूस है। इस वर्ष मक्का 1000 से 1600 रुपए प्रति क्विंटल तक ही बिक रहा है, किसानों का कहना है कि इस बार मक्का का रकबा बढ़ा है लेकिन दाम इतने कम हैं कि खेती घाटे का सौदा बन गई है।
दूसरी बड़ी समस्या मंडी में पंजीकृत व्यापारियों की अनुपस्थिति है। कलेक्टर के सख्त निर्देश के बावजूद मंडी के 150 से अधिक पंजीकृत व्यापारियों में केवल 10-12 व्यापारी ही बोली लगाने पहुंचते। इससे नीलामी में देरी हो रही है और किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। साथ ही कम व्यापारी होने से मनमर्जी से डाक बोली लगाते रहते हैं.
मंडी में अक्टूबर और नवंबर महीने में 2 लाख 22 हजार 666 क्विंटल मक्का मंडी में आ चुका है। वहीं पिछले साल सागर मंडी में 3 लाख 58 हजार 172 क्विंटल मक्का की आवक हुई थी। लगातार किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच रहे है। उम्मीद की जा रही है आखिर तक पिछले साल से अधिक आवक होगी।
मंडी सचिव आरपी सिंह का कहना है कि मंडी व्यापारियों को डाक में उपस्थित होने के लिए निर्देशित किया गया है। सोयाबीन, मक्का, गेंहू की अलग-अलग डाक होती है जिसके कारण व्यापारी बंटे होते है।