Sagar- 50 साल पुराना श्रम न्यायालय किया बंद, अब सुनवाई भोपाल या जबलपुर में होगी
सागर में 50 साल से संचालित श्रम न्यायालय बंद कर दिया गया है। इसके बाद अब जिले सहित पूरे संभाग के श्रमिकों को अपने मामलों की सुनवाई के लिए भोपाल या जबलपुर जाना पड़ेगा। नई व्यवस्था लागू होने से न केवल नए मामलों की फाइलिंग बंद हो गई है, बल्कि पुराने मामलों की सुनवाई भी रोक दी गई है। इससे श्रमिकों और अधिवक्ताओं में नाराज़गी है। ऐसा केंद्र सरकार द्वारा नए श्रम कानून लागू करने के बाद किया गया है,
सागर में श्रम न्यायालय में 500 से अधिक मामले पेंडिंग हैं। 21 नवंबर से यहां नए केस लेना पूरी तरह बंद कर दिया गया है। न्यायालय बंद होने के बाद जब तक नया न्यायाधिकरण गठित नहीं हो जाता, तब तक सभी मामले लंबित रहेंगे। केंद्र सरकार ने 29 श्रम कानूनों को खत्म कर उन्हें चार नए लेबर कोड में समाहित किया है। नए नियमों के अनुसार श्रम संबंधी सभी प्रकरण अब श्रम न्यायालय के बजाय न्यायाधिकरण में सुने जाएंगे। हालांकि प्रस्तावित न्यायाधिकरण का गठन अभी नहीं हुआ है और न ही मध्यप्रदेश के नियम अंतिम रूप ले पाए हैं।