नकली नोट फैक्ट्री का भंडाफोड़ ! 17 लाख के फर्जी नोट बरामद, दो गिरफ्तार
एमपी के उज्जैन पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए नकली नोट छापने वाली एक पूरी फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। क्राइम ब्रांच और चिमनगंज मंडी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उनका एक साथी अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 500 रुपए के नकली नोटों में कुल साढ़े 17 लाख रुपए, एक हाई-टेक प्रिंटर, विशेष स्याही और नोट प्रिंटिंग में उपयोग होने वाले अन्य उपकरण जब्त किए हैं।
आज पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी प्रदीप शर्मा ने पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम हिमांशु गौसर और दीपेश चौहान निवासी उज्जैन हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे अपने साथी राजेश बरबटे के साथ मिलकर नकली नोटों की छपाई का धंधा चला रहे थे।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह इंदौर के अरविंदो अस्पताल के सामने स्थित श्री गंगा विहार कॉलोनी के एक फ्लैट में नकली नोट छापता था। तैयार नोटों को कमीशन के आधार पर बाजार में सप्लाई किया जाता था। आरोपी खुद को पकड़े जाने से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलते रहते थे। सबसे हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार आरोपी हिमांशु गौसर इससे पहले भी उज्जैन और इंदौर में नकली नोट छापने के मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। जेल से बाहर आने के बाद उसने दोबारा इसी धंधे को शुरू कर दिया। पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित और प्रशिक्षित गिरोह है, जो लंबे समय से बाजार में नकली करेंसी खपाने की कोशिश कर रहा था।
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि नकली नोटों की सप्लाई किन-किन जिलों में की गई थी और इस गिरोह के अन्य सदस्य कितने लोग हैं। पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध नोट की तुरंत सूचना पुलिस को दें, ताकि ऐसे अपराधों पर कड़ी रोक लगाई जा सके।