करंट से युवक की मौ-त ! परिजनों का सड़क पर गुस्सा फूटा, बिजली विभाग पर बड़े आरोप, घंटों जाम
एमपी के सागर संभाग के टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ विकासखंड के लखेरी गांव में गुरुवार सुबह बिजली विभाग की लापरवाही ने एक मासूम परिवार का सहारा छीन लिया। बिजली लाइन जोड़ने के काम के दौरान 30 वर्षीय युवक मोहन अहिरवार, खंबे पर चढ़कर जैसे ही तार जोड़ रहा था, अचानक तेज करंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी जान चली गई। मृतक डूडीयानखेरा का रहने वाला था और पीछे चार छोटे बच्चों और पत्नी का परिवार छोड़ गया है।
ग्रामीणों और परिजनों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मौके पर मौजूद लाइनमैन हरिदास अहिरवार ड्यूटी पर थे लेकिन आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं करवाए गए, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि क्षेत्र में बिजली व्यवस्था की सही निगरानी नहीं होती। ओआईसी जितेंद्र जाटव को यह तक पता नहीं रहता कि क्षेत्र में कहां-कहां कार्य चल रहा है, और अधिकांश काम टीकमगढ़ से फोन पर संचालित किए जाते हैं।
हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने टीकमगढ़–छतरपुर मुख्य मार्ग पर लखेरी के पास चक्का जाम कर दिया। सुबह 9 बजे शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन दोपहर तक जारी रहा, जिससे मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बिल्कुल ठप पड़ गया।
सूचना मिलते ही बल्देवगढ़, खरगापुर और बुडेरा थानों की पुलिस, तहसीलदार अनिल गुप्ता, एसडीओपी राहुल कटरे सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए। प्रशासन ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन परिजन स्पष्ट रूप से बोले— “जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर FIR और मृतक परिवार को नौकरी व उचित मुआवजा नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।”
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही लगातार बढ़ रही है और कोई भी अधिकारी ऑन-ग्राउंड मौजूद नहीं रहता, जिसके कारण ऐसा हादसा पहली बार नहीं हुआ।
फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद बातचीत जारी है, लेकिन गांव में गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा। लखेरी में हुई यह घटना फिर एक बार सवाल खड़ा करती है—क्या बिजली विभाग की लापरवाही ने एक और घर को उजाड़ दिया?