दो कांग्रेसी पार्षद BJP में शामिल, BJP पार्षद ने पद से दिया इस्तीफा! दमोह की राजनीति में बड़ा भूचाल
एमपी के दमोह जिले की शांत दिख रही राजनीति बुधवार को अचानक गरमा गई। एक ही दिन में जहां दो कांग्रेसी पार्षदों ने भाजपा का दामन थाम लिया, वहीं भाजपा के ही एक पार्षद ने अपने पद से इस्तीफा देकर पार्टी में हलचल मचा दी। यह पूरा घटनाक्रम जिले की राजनीति में नया समीकरण बनाता हुआ नजर आ रहा है।सबसे बड़ा झटका भाजपा को अपने ही पार्षद विक्रांत गुप्ता के इस्तीफे ने दिया। मागंज वार्ड-2 से पार्षद विक्रांत गुप्ता ने जिला प्रशासन और भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों को अपना त्यागपत्र सौंपकर पद से मुक्त होने की जानकारी दी।
इस्तीफे की वजह बताते हुए विक्रांत गुप्ता ने कहा कि वे रोजाना 6 से 8 घंटे का मौनधारण करते हैं, इसके बावजूद वर्षों से पार्टी के लिए समर्पित रहे। लेकिन नगर पालिका चुनाव में पार्टी के ही छह पार्षदों द्वारा सहयोग न देना और क्रॉस वोटिंग करना उन्हें बेहद आहत कर गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस गंभीर मामले पर वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा किसी बैठक तक की आवश्यकता नहीं समझी गई।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि आज पार्टी उन्हीं लोगों को पदाधिकारी बना रही है, जो कभी पार्टी के विरोध में खड़े रहे थे। यही कारण है कि उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र देना उचित समझा। उधर, पथरिया नगर परिषद से कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। वार्ड क्रमांक 5 के पार्षद प्रभुदयाल अहिरवार और वार्ड क्रमांक 7 की पार्षद राजकुमारी हेमराज लडिया ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया।
दोनों पार्षद भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए। दोनों ने कहा कि भाजपा का “जन सेवा मॉडल ही असली राजनीति की परिभाषा है” और वे संगठन के प्रति पूर्ण निष्ठा से कार्य करेंगे। एक तरफ कांग्रेस को पथरिया में दो पार्षदों के भाजपा में शामिल होने से नुकसान हुआ, वहीं भाजपा को अपने ही पार्षद के इस्तीफे से नुकसान की भरपाई करनी पड़ी। कुल मिलाकर बुधवार का दिन दमोह की राजनीति में “खुशी और गम” दोनों का मिला-जुला अध्याय बन गया।