Sagar- स्कूल में श्रद्धा-भाव से मनाई गई गीता जयंती, जमुनिया चिखली औषधि गार्डन में गूंजा गीता-पाठ
सागर जिले के देवरी विधानसभा के जमुनिया चिखली में स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बुधवार को गीता जयंती उत्सव अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के निर्देश तथा कलेक्टर सागर संदीप आर. के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यालय परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक वातावरण से भर दिया। औषधि गार्डन के समक्ष आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक और स्थानीयजन शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत मंत्रोच्चार और सरस्वती वंदना के साथ हुई, जिसे पंडित मोहित वैद्य ने संपन्न कराया। इसके बाद गीता के 15वें अध्याय का सस्वर वाचन कुमारी अंजलि दांगी ने किया। अंजलि के साथ पूरे विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से गीता-पाठ किया, जिससे वातावरण ‘श्रीभगवद्गीता’ के दिव्य श्लोकों से गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम प्रभारी संजय तिवारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए गीता के जीवन-दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन में सही मार्गदर्शन देने वाला अद्भुत ज्ञान-सागर है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे गीता के संदेशों को अपने चरित्र और व्यवहार में शामिल करें। विद्यालय के प्राचार्य भरत सिंह परिहार ने भी छात्रों को गीता का नियमित अध्ययन करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि गीता मन को शांत रखने, निर्णय क्षमता बढ़ाने और सकारात्मकता विकसित करने में अत्यंत सहायक है।
वरिष्ठ शिक्षक अरुण कुमार दुबे ने गीता-पाठ के ऐतिहासिक महत्व और इसके वैज्ञानिक संदेशों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम की व्यवस्थाएँ ओम नारायण सिंह ठाकुर, इंद्रपाल सिंह लोधी और पृथ्वीराज सिंह यादव द्वारा सुचारू रूप से संचालित की गईं। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों को प्रसाद वितरित किया गया और उन्हें गीता के उपदेशों को जीवन में उतारने का संकल्प भी दिलाया गया।गीता जयंती का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए अध्यात्म, संस्कृति और मूल्यों से जुड़ने का एक प्रेरक अवसर साबित हुआ।