Sagar -बीना में सब्जी विक्रेता ने खुद को और बेटे को पेट्रोल डाला लोगों की सूझबूझ और फिर
एमपी के सागर जिले के बीना के सर्वोदय चौराहा पर दोपहर उस समय दहशत में बदल गया, जब एक सब्जी और फल विक्रेता ने अपने नाबालिग बेटे और स्वयं पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का प्रयास किया। आसपास मौजूद लोगों ने समय रहते उसे रोक लिया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया। लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। बताया जा रहा है कि नगर पालिका द्वारा मुख्य सड़क से दुकान हटाने की कार्रवाई से आहत होकर सब्जी विक्रेता ने यह कदम उठाया था।
जानकारी के मुताबिक, फल-सब्जी विक्रेता निर्मल साहू सर्वोदय चौराहा पर स्टेट बैंक के सामने वर्षों से हाथट्रॉली पर सब्जी और फल बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। लेकिन शनिवार को नगर पालिका की टीम ने मुख्य सड़क पर लगने वाली दुकानों को हटाते हुए निर्मल साहू की दुकान को खुरई रोड स्थित ओवरब्रिज के नीचे स्थानांतरित कर दिया था।
निर्मल का आरोप है कि नई जगह पर पूरे दिन बैठने के बावजूद वह 20 रुपये की सब्जी भी नहीं बेच पाया, जिससे उसकी रोजी-रोटी पर संकट आ गया। बताया जाता है कि निर्मल ने कारोबार बढ़ाने के लिए लगभग 5 लाख रुपये का कर्ज ले रखा है। बिक्री बंद होने से न तो घर चल पा रहा था और न ही कर्ज चुकाने की कोई उम्मीद बची थी। इसी आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव में उसने यह खतरनाक कदम उठाने का प्रयास किया।
इसी दौरान लोगों ने उसे पेट्रोल डालते देख तुरंत रोक लिया और बच्चा भी सुरक्षित बच गया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अनूप यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सबसे पहले पेट्रोल से भीगे हुए उसके बेटे दीपक को एहतियातन सिविल अस्पताल भिजवाया, जहां उसकी जांच की जा रही है।
थाना प्रभारी अनूप यादव ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और युवक के बयान दर्ज किए जाएंगे। नगर पालिका द्वारा दुकान स्थानांतरण के पीछे की वजह और उचित व्यवस्था की भी जांच की जाएगी। लोगों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना गरीब विक्रेताओं की परेशानियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े करती है।