30 करोड़ की एमडी पाऊडर फैक्ट्री का भंडाफोड़! खेत में चल रहा था नशे का अड्डा, 3 गिरफ्तार
मध्य प्रदेश में नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई सामने आई है। नारकोटिक्स विंग ने ‘नशे पर प्रहार’ अभियान के तहत एमपी के नीमच जिले में एक ऐसी बड़ी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है, जिसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। रामपुरा थाना क्षेत्र के लसूड़िया इस्तमुरार गांव में एक खेत पर बने मकान में यह अवैध एमडी (मेथिलेंडियोक्सी-मेथम्फेटामाइन) ड्रग्स फैक्ट्री पूरी गोपनीयता के साथ चलाई जा रही थी। नारकोटिक्स विंग को लगातार मुखबिरों से इस अवैध कारोबार की जानकारी मिल रही थी। उसी सूचना के आधार पर शुक्रवार को टीम ने जाल बिछाकर फैक्ट्री पर दबिश दी। अंदर जो मिला, वह प्रदेश में अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक था।
छापेमारी में टीम ने 2 किलो 700 ग्राम तैयार ठोस एमडी ड्रग्स, 16 किलो लिक्विड एमडी और 70 किलो से अधिक रसायन जब्त किए हैं, जिनका उपयोग बड़े पैमाने पर एमडी निर्माण में किया जाता है। नारकोटिक्स सूत्रों के अनुसार बरामद सामग्री की अंतर्राष्ट्रीय बाजार कीमत 30 करोड़ रुपये से भी अधिक बताई जा रही है। साथ ही पुलिस ने मौके से 3 मोबाइल फोन, तीन मोटरसाइकिल और फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी कब्जे में लिए हैं। बरामद रसायनों की मात्रा से साफ है कि आरोपी लंबे समय से इस धंधे में सक्रिय थे और बड़े नेटवर्क के लिए ड्रग्स तैयार कर रहे थे।
पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, निरंजन दायमा, निवासी खेड़ी मनासा, अर्जुन गरासिया, निवासी लसूड़िया, रमेश गरासिया, निवासी लसूड़िया, पुलिस कर रही नेटवर्क की पड़ताल, एडीजी नारकोटिक्स केपी वेंकटेश्वर राव ने बताया कि यह कार्रवाई डीजीपी के निर्देश पर डीआईजी, नारकोटिक्स महेश चंद जैन के नेतृत्व में की गई। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर सप्लाई रूट, फंडिंग और नेटवर्क के बड़े तारों की जांच कर रही है, संभावना जताई जा रही है कि यह गिरोह प्रदेश के बाहर के ड्रग नेटवर्क से भी जुड़ा हो सकता है। यह पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ा संदेश है कि नशे के खिलाफ कार्रवाई अब और तेज होगी।