नाले में मिला नवजात का शव, विहिप–बजरंग दल का अस्पताल पर हमला ! 48 घंटे में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
नगर के समीप नाले में 12 नवंबर को नवजात बच्ची का शव मिलने की दर्दनाक घटना अब एक गंभीर सवालों का विषय बन चुकी है। शुरुआत में सामान्य प्रतीत हुआ यह मामला धीरे-धीरे स्वास्थ्य व्यवस्था, अस्पताल प्रबंधन और प्रशासनिक जवाबदेही पर गहरे सवाल खड़े कर रहा है। इसी मुद्दे को लेकर एमपी के सागर संभाग के छतरपुर जिले के बड़ामलहरा में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने संयुक्त रूप से कलेक्टर, एसपी और कमिश्नर के नाम विस्तृत ज्ञापन तहसीलदार विशंभर सिंह मरावी को सौंपा।
ज्ञापन में संगठन ने अस्पताल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए—ओपीडी में प्रतिदिन पर्याप्त डॉक्टरों की उपस्थिति नहीं होती, सिर्फ दो–तीन डॉक्टर ही मिलते हैं। अधिकतर जांचें अस्पताल में न कराकर बाहरी लैब्स में भेजी जाती हैं, जिससे मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। कथित रूप से झोलाछाप डॉक्टरों और निजी पैथोलॉजी सेंटरों से कमीशन सिस्टम चलने का आरोप। अस्पताल परिसर में गंदगी, अव्यवस्था और अस्वच्छता का आरोप। बीएमओ सहित कुछ चिकित्सकों के व्यवहार पर असंतोष। कुल मिलाकर—प्रबंधन की गंभीर लापरवाही का आरोप।
संगठन ने कहा कि यदि ये आरोप सही पाए गए, तो यह न सिर्फ चिकित्सा मानकों का उल्लंघन है, बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा भी साबित हो सकता है। नवजात प्रकरण की जांच पर भी बड़ा सवाल संगठन ने यह भी उल्लेख किया कि नवजात के शव पर लगा कोड क्लैम्प स्पष्ट रूप से अस्पताल-स्तरीय प्रसव का संकेत देता है। ऐसे में यह मामला और भी संवेदनशील हो जाता है। ज्ञापन में मांग की गई— नवजात प्रकरण की तेज, निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच की जाए अस्पताल स्टाफ की भूमिका की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। जिम्मेदारों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और पूरे मामले को पारदर्शिता से सामने लाया जाए। विहिप–बजरंग दल ने प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन बड़ा आंदोलन करेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में अध्यक्ष राजकुमार द्विवेदी, जिला मंत्री रामगोपाल यादव, मंत्री रामावतार सिंह, दिव्य प्रताप, रामू खटीक, आशु यादव सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।