Sagar- सियासी तूफ़ान, सांसद लता वानखेड़े का बड़ा दावा, विधायक निर्मला सप्रे BJP में हैं… और रहेंगी भी !
मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। बीना विधायक निर्मला सप्रे को लेकर भाजपा नेताओं के दो अलग-अलग बयानों ने सागर की राजनीतिक फिज़ा को अचानक गर्म कर दिया है। जहां प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल उनके बारे में कुछ भी कहने से बचते दिखे, वहीं सागर सांसद लता वानखेड़े ने ऐसा दावा कर दिया, जिसने पूरे प्रदेश में राजनीतिक चर्चा तेज़ कर दी है।
बीना में SIR सर्वे को लेकर आयोजित कार्यक्रम में सांसद लता वानखेड़े ने कहा कि विधायक निर्मला सप्रे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की योजनाओं से प्रभावित होकर भाजपा में आई थीं। उन्होंने आगे कहा कि सप्रे आज भी पूरी निष्ठा से पार्टी के साथ खड़ी हैं और भविष्य में भी संगठन के साथ ही रहेंगी।
इसके बाद वानखेड़े ने मंच से एक और बड़ा बयान दिया— "अगर कोई विधायक पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में जाता है, तो एक प्रक्रिया होती है, जिसमें दोबारा चुनाव होना सुनिश्चित है। फिलहाल तकनीकी कारणों से कदम नहीं उठाए गए, लेकिन जल्द ही कार्रवाई होगी।" इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया।
दूसरी ओर, कुछ दिन पहले जब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मीडिया ने निर्मला सप्रे को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा—"निर्मला सप्रे कौन हैं? मैं उन्हें नहीं जानता।" उनका यह जवाब तब से ही चर्चा में है और अब लता वानखेड़े के ताज़ा बयान से यह विवाद और भी गहरा हो गया है।
इस सबके बीच एक और महत्वपूर्ण बात—प्रदेश अध्यक्ष के हालिया सागर दौरे में बीना विधायक निर्मला सप्रे पूरे कार्यक्रम से नदारद रहीं। उनकी गैरहाज़िरी और दो नेताओं के उलट बयानों ने सियासी हलचल और तेज़ कर दी है।
अब सबसे बड़ा सवाल—क्या निर्मला सप्रे वास्तव में भाजपा के साथ हैं? या पर्दे के पीछे कोई और राजनीतिक समीकरण बन रहा है? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा मोड़ ला सकते हैं।