ब्राह्मण समाज की महिलाओं का फूटा गुस्सा, बर्खास्तगी और FIR की मांग, IAS संतोष वर्मा की अभद्र टिप्पणी पर
एमपी के उज्जैन के नागदा में ब्राह्मण समाज और कई प्रमुख सामाजिक संगठनों ने अभूतपूर्व एकजुटता दिखाते हुए प्रशासन को सख्त संदेश दिया— “ब्राह्मण बेटी के सम्मान पर कोई समझौता नहीं!” दरअसल, भोपाल के डॉ. अंबेडकर जयंती मैदान में 23 नवंबर 2025 को आयोजित कार्यक्रम के दौरान IAS अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की बेटियों पर की गई कथित अभद्र, आपत्तिजनक और जातिगत विद्वेष फैलाने वाली टिप्पणी के खिलाफ शहर में रोष की लहर दौड़ गई है।
इसी को लेकर नागदा के ब्राह्मण समाज सहित अनेक संगठनों ने अनुभागीय अधिकारी को मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए संतोष वर्मा को तत्काल पद से बर्खास्त करने और कठोर धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की मांग की है। ज्ञापन में IPC की धारा 196, 308(1)(2) और 356(1)(2)(3) के तहत कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
कार्यक्रम स्थल पर ब्राह्मण समाज नागदा, राष्ट्रीय परशुराम सेना युवा वाहिनी, परशुराम सैनिक, करणी सेना, क्षत्रिय महासभा, सवर्ण समाज सहित नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। प्रमुख पदाधिकारियों में अशोक शर्मा, सुमेर सिंह सिसोदिया, यशपाल सिंह सिसोदिया, भेरू सिंह चौहान, कुलदीप बना, तेज सिंह राठौड़ सहित कई गणमान्य मौजूद थे। महिला मंडल की ओर से वर्षा मेहता ने ज्ञापन का वाचन किया। जया पांडे, वसुंधरा नागर, नूपुर शर्मा, संध्या पांडे, सुचित्रा शर्मा सहित कई महिलाएं भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।
समाज का कहना है कि यह सिर्फ एक टिप्पणी नहीं, बल्कि नारी गरिमा, सामाजिक सद्भाव और जातीय सम्मान पर सीधा प्रहार है। वक्तव्य ने समाज में आक्रोश पैदा किया है और सभी संगठनों ने प्रशासन से तत्काल एवं कठोर कार्रवाई की मांग दोहराई है। अंत में परशुराम सेवा युवा वाहिनी के जिला संयोजक निलेश मेहता ने सभी संगठनों, समाजजनों और मीडिया का आभार व्यक्त किया और कहा— “हमारी बेटियों का सम्मान सर्वोपरि है। समाज एकजुट है और न्याय तक यह संघर्ष जारी रहेगा।”