Sagar- SIR प्रक्रिया का सटीक निरीक्षण, तहसीलदार ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का काम तेज़
मध्य प्रदेश में इन दिनों पूरे प्रदेश में SIR—मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण—तेज़ी से चल रहा है। इसी क्रम में सागर जिले के शाहगढ़ तहसील के ग्राम करई में मंगलवार को महत्वपूर्ण गतिविधि देखी गई, जहां तहसीलदार G.C. राय स्वयं मौके पर पहुंचे और कार्य की विस्तृत समीक्षा की। SIR यानी Special Intensive Revision के अंतर्गत मतदाता सूची का बेहद सूक्ष्म स्तर पर मिलान किया जाता है। इस प्रक्रिया में वर्ष 2003 की मतदाता सूची को वर्ष 2025 की सूची से मिलाया जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि कहीं कोई फर्जी मतदाता, घुसपैठिया या गलत तरीके से दर्ज नाम तो शामिल नहीं है।
तहसीलदार G.C. राय ने बताया कि यदि वर्ष 2003 की सूची में किसी व्यक्ति का जन्म ही नहीं हुआ था, तो उसकी पहचान उसके माता–पिता और दादा–दादी के नाम से ट्रेस की जाती है। इसी तरह यदि किसी युवक की शादी हुई है, तो उसकी पत्नी का नाम उसके मायके की मतदाता सूची से मिलान कर सत्यापित किया जाता है। वहीं, किसी लड़की की शादी होने पर उसकी जानकारी मायके से ससुराल तक पहुंचाई जाती है, ताकि दोनों स्थानों की मतदाता सूची में कोई दोहराव या गलत प्रविष्टि न रहे।
इस तरह की गहन क्रॉस-चेकिंग से यह सुनिश्चित किया जाता है कि कोई भी बाहरी व्यक्ति, फर्जी पहचान या घुसपैठिया मतदाता सूची में शामिल न हो सके। यह प्रक्रिया न सिर्फ चुनाव प्रणाली को साफ-सुथरा रखने में मदद करती है बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को पारदर्शी बनाने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
करई गांव में चल रहे SIR कार्य का निरीक्षण करते समय तहसीलदार राय ने कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए और कार्य की गति बढ़ाने पर जोर दिया। ग्रामीणों ने भी इस प्रक्रिया में सहयोग देने की सहमति जताई। प्रदेशभर में चल रही यह विशेष प्रक्रिया आने वाले चुनावों के लिए मतदाता सूची को और ज्यादा सटीक और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।