Sagar - गुरुजी ने निकाली युवक की अकड़ ! माइक से पूरे गांव को गालियां देने वाले को दरबार में मिली सच्चाई की सज़ा
दिव्य चमत्कार, सच्चाई का सामना और जीवन का बदलता भाग्य—कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिला मड़खेड़ा धाम के दिव्य चमत्कारी दरबार में, जो सागर जिले के राहतगढ़ से 13 किलोमीटर दूर, विदिशा रोड पर स्थित है। यह वह स्थान है जहां हर रविवार हजारों की संख्या में भक्त अपनी समस्याओं का समाधान लेकर पहुंचते हैं और गुरुजी की कृपा से उन्हें नई दिशा मिलती है। दरबार में उस वक्त सभी दंग रह गए जब एक युवक गुरुजी के सामने पहुंचा और अपनी समस्याएं बताने लगा।
उसने कहा कि वह जो भी काम करता है, उसमें सफलता नहीं मिलती। बस यही सुनते ही गुरुजी ने उसकी ओर देखकर एक ऐसी बात कही कि युवक का चेहरा उतर गया और उसकी पूरी अकड़ मिनटों में गायब हो गई। गुरुजी ने कहा— “तुम वह व्यक्ति हो जिसने मंदिर के माइक से पूरे गांव को गालियां दी थीं। उसी दिन से तुम्हारी कृपा रुकी हुई है।” गुरुजी की यह बात सुनते ही युवक का सिर शर्म से झुक गया। उसने स्वीकार करते हुए कहा— “हाँ गुरुजी! मुझसे गलती हुई... मैंने गुस्से में आकर पूरे गांव को माइक से गालियां दे दी थीं।”
गुरुजी ने उसे समझाया कि मंदिर के माइक से लोग रामायण, सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं, ताकि पूरे गांव में सकारात्मकता फैले, और तुमने उसी पवित्र स्थान से गालियां देकर वातावरण को दूषित किया। इसलिए तुम्हारे सभी कार्य विफल हो रहे हैं। दरबार में हर हफ्ते ऐसे कई चमत्कार देखने को मिलते हैं। लोग घर–परिवार की समस्याओं, संतान की इच्छा, शादी में रुकावट, मानसिक पीड़ा और जीवन की परेशानियाँ लेकर आते हैं।
यहां हनुमान जी की कृपा और सिद्ध संत मौनी बाबा की प्रेरणा से पंडित पवन पराशर दरबार में भक्तों की मनोकामना पूरी करवाने का मार्ग बताते हैं। मड़खेड़ा धाम आज ऐसे भक्तों का केंद्र बन चुका है, जहां पहुंचकर लोगों को न सिर्फ राहत मिलती है, बल्कि उनके जीवन की दिशा भी बदल जाती है।