घोड़ी पर सवार होकर दूल्हे को न्योता देने पहुंची दुल्हन, उज्जैन में अनोखी बारात!
एमपी के उज्जैन में हुई एक रॉयल और अनोखी शादी ने पूरे शहर में चर्चा छेड़ दी। दुल्हन जब बैंड-बाजे और बारातियों के साथ घोड़ी पर बैठकर दूल्हे का निमंत्रण देने पहुंची, तो यह नजारा देखकर हर कोई दंग रह गया। राजस्थान के श्रीमाली समाज की इस अनोखी परंपरा ने सोशल मीडिया से लेकर शहर की गलियों तक सबका ध्यान खींच लिया। उज्जैन के केजीसी होटल के पास मंगलवार को एक ऐसी बारात निकली, जो आमतौर पर देखने को नहीं मिलती। यहां दुल्हन अपूर्वा ओझा ने दुल्हन के पारंपरिक जोड़े में सजकर, चश्मा लगाए घोड़ी पर बैठते ही सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अहमदाबाद स्थित साउथ इंडियन बैंक में क्लास-वन अधिकारी अपूर्वा, अपने होने वाले पति बड़ोदा निवासी हर्ष दवे को शादी का निमंत्रण देने पूर्वजों की वर्षों पुरानी परंपरा निभाते हुए घोड़ी पर सवार होकर पहुंचीं। घोड़ी के आगे-आगे बैंड-बाजा बज रहा था, पीछे बाराती नाचते-गाते चल रहे थे और बीच में दुल्हन की यह रॉयल एंट्री शहर भर में चर्चा का विषय बन गई। करीब डेढ़ घंटे तक यह जुलूस चलता रहा, और राहगीर इस नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते रहे।
दुल्हन अपूर्वा ने बताया कि राजस्थान के श्रीमाली समाज में यह अनोखी प्रथा वर्षों से चली आ रही है, जिसमें दुल्हन घोड़ी पर बैठकर दूल्हे के घर निमंत्रण देने जाती है। अपूर्वा ने मुस्कुराते हुए कहा – “लड़के ही क्यों हमेशा फन करें? हमारे समाज में महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलती हैं।” इंदौर, बैंगलोर और बड़ोदा से उनकी सहेलियाँ भी सिर्फ इस अनोखी परंपरा के साक्षी बनने उज्जैन पहुंचीं। दूल्हे हर्ष दवे ने भी इस परंपरा को गर्व का विषय बताते हुए कहा कि हमारे समाज में पहले दुल्हन और उसके बाद दूल्हा घोड़ी पर बैठता है। उन्होंने कहा— “अपूर्वा की यह एंट्री मेरे लिए बहुत खास है। हम अपने पूर्वजों की परंपरा निभा रहे हैं।” उज्जैन की यह अनोखी शादी न सिर्फ परंपरा की खूबसूरती दिखाती है, बल्कि महिलाओं के सशक्त और आत्मविश्वासी स्वरूप की भी एक मिसाल बन गई है।