जर्मन कोच का आगमन! बच्चों को मिला विश्वस्तरीय फुटबॉल मंत्र, PM मोदी के मिनी ब्राज़ील विचारपुर में
एमपी के शहडोल का वह छोटा सा गांव, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “मिनी ब्राज़ील” कहा था, आज एक और ऐतिहासिक दिन का गवाह बना। फुटबॉल की दुनिया में तेजी से अपनी पहचान बना रहा ग्राम विचारपुर आज उस समय उत्साह से भर उठा जब जर्मनी के प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब FC Ingolstadt 04 के दिग्गज कोच डाइटमार बीयर्सडॉर्फ यहां पहुंचे। उन्होंने न केवल मैदान पर फुटबॉल खेला बल्कि बच्चों और युवा खिलाड़ियों को विश्व स्तर का मार्गदर्शन भी दिया। यह पहली बार हुआ है जब किसी अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल कोच ने शहडोल के आदिवासी बहुल इस छोटे से गांव में कदम रखा है। डाइटमार बीयर्सडॉर्फ ने खिलाड़ियों से सीधे संवाद किया, अपने अनुभव साझा किए और आधुनिक फुटबॉल तकनीकों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। सीमित संसाधनों वाले विचारपुर की टीम ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। इसी जुनून और प्रदर्शन को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में विचारपुर का नाम लेते हुए इसे “मिनी ब्राज़ील” की उपाधि दी थी।
पीएम मोदी के उल्लेख के बाद विचारपुर के खिलाड़ियों की किस्मत बदली। जर्मनी के FC Ingolstadt 04 ने 4 से 12 अक्टूबर तक अपने देश में विचारपुर के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया। चयनित खिलाड़ियों में—सानिया कुंडे, सुहानी कोल, प्रीतम कुमार, वीरेंद्र बैगा और मनीष घसिया शामिल हैं। वहीं कोच लक्ष्मी सहीस को भी अंतरराष्ट्रीय ट्रेनिंग का मौका मिला। जर्मनी में मिले इस विश्वस्तरीय प्रशिक्षण ने खिलाड़ियों का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा दिया है। अब जब जर्मन कोच स्वयं विचारपुर आए हैं, तो गांव में उत्साह चरम पर है।
जैसे ही डाइटमार बीयर्सडॉर्फ विचारपुर के मैदान में उतरे, पूरा गांव जयकारों से गूंज उठा। खिलाड़ियों ने उनके साथ अभ्यास किया और तकनीकें सीखीं। यह अवसर न केवल फुटबॉलर्स के लिए बल्कि पूरे शहडोल के लिए गर्व का क्षण है। विचारपुर—जिसे मिनी ब्राज़ील के नाम से जाना जाता है—एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल इतिहास में दर्ज हो चुका है।