रात में जब रुकी दलित दुल्हन की बिंदोली, पुलिस सुरक्षा में निकाली रस्म, 5 नामजद पर SC-ST एक्ट में केस!
मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के लकमाखेड़ी गांव में सोमवार देर शाम सामाजिक तनाव का माहौल बन गया, जब एक दलित परिवार की दुल्हन की बिंदोली को गांव के ही राजपूत समाज के लोगों ने निकालने से रोक दिया। मामला बढ़ते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा घेरा बनाकर दुल्हन की बिंदोली को पूरे गांव में घुमाया। पुलिस ने 5 नामजद सहित अज्ञात लोगों पर एससी-एसटी एक्ट और बीएनएस की धारा 176 के तहत केस दर्ज किया है। घटना रात करीब 9.30 बजे की बताई जा रही है। लखमाखेड़ी के निवासी सुरेश कटारिया सब्जी बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनकी बड़ी बेटी रितु की शादी 26 नवंबर को होने वाली है। शादी से पहले की पारंपरिक रस्म—बिंदोली—निकाली जा रही थी। जैसे ही बारात लेकर निकला दुल्हन पक्ष राजपूत समाज के घरों के सामने पहुंचा, तभी विरोध शुरू हो गया।
पीड़ित पिता सुरेश कटारिया ने पुलिस को बताया कि बिंदोली राजपूत समाज के घरों के पास पहुंचते ही बापूसिंह और बद्री सिंह बाहर आए और रास्ता घेरते हुए बोले—“तुम्हारी बिंदोली यहां से नहीं निकलेगी।” कुछ ही देर में कुशाल सिंह, कुलदीप सिंह, गोविंद सिंह भाणेज और अन्य लोग भी वहां पहुंच गए। गाली-गलौज की गई और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर दलित परिवार को अपमानित किया गया। सूचना मिलते ही बड़ावदा थाना प्रभारी स्वराज डाबी पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे। गांव में तनाव न बढ़े, इसलिए तुरंत सुरक्षा घेरा बनाया गया और पुलिस की मौजूदगी में दुल्हन की बिंदोली पूरी परंपरा के साथ निकाली गई।
थाना प्रभारी स्वराज डाबी ने बताया कि बापूसिंह, बद्री सिंह, कुशाल सिंह, कुलदीप सिंह, गोविंद सिंह भाणेज समेत अन्य लोगों पर एससी-एसटी एक्ट और बीएनएस की धारा 176 के तहत मामला दर्ज किया गया है। ग्रामीण इलाकों में सामाजिक समानता और परंपराओं को लेकर एक बार फिर संवेदनशीलता का मुद्दा चर्चा में आ गया है।