प्याज की अर्थी उठी, 1–2 रुपए किलो दाम पर किसानों का फटा आक्रोश, श्मशान में दी मुखाग्नि
सोमवार को किसानों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। प्याज के 1–2 रुपए किलो दाम मिलने से बुरी तरह क्षुब्ध किसानों ने बेहद अनोखा और प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन करते हुए प्याज की अर्थी निकाली और उसे श्मशान ले जाकर मुखाग्नि दे दी। यह नजारा जितना चौंकाने वाला था, उतना ही किसानों की मजबूरी और दर्द को चीख-चीखकर बयान कर रहा था। एमपी के मंदसौर जिले के धमनार में किसानों ने खेतों से प्याज इकट्ठा कर उसे फूल-माला से सजाया, फिर डंडों पर रखकर एक अर्थी तैयार की।
इसके बाद बैंड-बाजे की धुन पर, “रघुपति राघव राजा राम” बजाते हुए अंतिम यात्रा निकाली गई। ग्रामीणों और किसानों का कहना था कि यह केवल विरोध नहीं, बल्कि उस उम्मीद की विदाई है जो वे अपनी फसल के उचित दाम को लेकर सालभर पालते हैं। श्मशान पहुंचकर किसानों ने विधि-विधान के साथ प्याज को अग्नि दी और भगवान से प्रार्थना की कि आने वाले दिनों में उन्हें कम से कम इतना दाम जरूर मिले कि खेती करने का हौसला बचा रहे। प्रदर्शन के बाद किसानों ने धुंधड़का तहसीलदार को राष्ट्रपति व राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्याज की खरीदी के उचित दाम तय करने, राहत पैकेज देने और फसल क्षति की भरपाई की मांग की गई।
किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष इसी समय प्याज 25–30 रुपए किलो बिक रहा था, लेकिन इस बार कीमतें औंधे मुंह गिरकर मात्र 1–2 रुपए किलो पर आ गईं। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई किसान अपनी पूरी फसल पर ट्रैक्टर चलाकर उसे खेत में ही नष्ट कर रहे हैं, क्योंकि खर्च तो दूर, मजदूरी तक वसूल नहीं हो पा रही। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द दाम बढ़ाने, समर्थन मूल्य तय करने या राहत देने की ठोस घोषणा नहीं की, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। फिलहाल मंदसौर में किसानों का यह अनोखा प्रदर्शन पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।