Sagar -CM मोहन यादव जुड़े LIVE, श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिवस इंद्रेश उपाध्याय जी का दिव्य संदेश
सागर में धर्म श्री अंबेडकर वार्ड स्थित श्री सिद्ध क्षेत्र बालाजी मंदिर प्रांगण आज भक्ति, ज्ञान और अध्यात्म से सराबोर रहा। वहीं रविवार को कार्यक्रम का दिव्य सौभाग्य तब और बढ़ गया जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कथा से जुड़े। उन्होंने कहा— जितनी मजबूत हमारी सनातन संस्कृति होगी, उतना ही सशक्त राष्ट्र बनेगा। सागरवासियों के लिए यह विशेष अवसर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि लगभग 10 महीने में दूसरी बार पूज्य महाराज श्री का दिव्य सान्निध्य प्राप्त हुआ।
बतादे आपको कि मुख्य यजमान अनुश्री शैलेन्द्र कुमार जैन एवं विधायक शैलेन्द्र कुमार जैन द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिवस अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास परम पूज्य पं. इन्द्रेश उपाध्याय जी महाराज ने भक्तिभाव से ओतप्रोत संदेश देते हुए कहा— जब मनुष्य के भीतर अर्पण और सेवा की भावना जागे, समझिए भगवान उसके समीप हैं। उन्होंने संग्रह, लोभ और अधिक बोलने की प्रवृत्ति को जीवन की हानि बताते हुए कहा— ज्ञान जब पच जाता है तो मनुष्य विवेकी और मौन हो जाता है। अधिक बोलना और अधिक खाना दोनों आयु को घटाते हैं, इसलिए संयम आवश्यक है। महाराज श्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि जब कन्हैया नन्द बाबा के घर आए, तो उन्होंने बिना सोचे-समझे सब कुछ लुटा दिया, क्योंकि जहाँ भगवान आते हैं,
वहाँ लोभ और मोह स्वयं नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आध्यात्मिक मनुष्य के लिए रूप-रंग नहीं, बल्कि विचार और भावनाएँ सर्वोपरि होते हैं। वृंदावन की अनंत महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा— वृंदावन को न ब्रह्मा ने बनाया, न विश्वकर्मा ने… इसे स्वयं किशोरी जी ने रचा है। गोपाष्टमी और छप्पन भोग के प्रसंग पर उन्होंने स्पष्ट किया कि असली पालनहार इंद्र नहीं, स्वयं श्रीगोपाल हैं। कथास्थल पर पहुँचकर भक्त बोले— महाराज श्री के भजन और प्रवचन से वातावरण में ऐसा दिव्य आनंद व्याप्त हो जाता है कि मन शांति से भर जाता है। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र बरुआ, विधायक प्रदीप लारिया, विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार, सुधीर यादव, डा. जी.एस. चौबे, जवाहरलाल जैन, एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।