सागर से TB उन्मूलन की ओर बड़ी छलांग! IMA सागर का मेगा हेल्थ कैंप, 11 नए मरीजों की मौके पर पुष्टि
सागर जिले में टीबी उन्मूलन की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए IMA सागर शाखा और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रूप से सिहोरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक दिवसीय मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। यह शिविर टीबी की शुरुआती पहचान, त्वरित जांच और तत्काल उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस विशेष शिविर में आधुनिक ट्रूनाट (TruNaat) मशीन, पोर्टेबल डिजिटल चेस्ट एक्स-रे यूनिट और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मौजूद रही। लगभग 450 से अधिक लोगों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की गई। इनमें से 28 मरीजों की ट्रूनाट जांच की गई जिसमें 11 नए टीबी मरीजों की मौके पर ही पुष्टि हुई। सभी मरीजों को तुरंत निःशुल्क दवाइयाँ उपलब्ध कराई गईं और उन्हें निक्षय मित्र योजना से जोड़ा गया।
इसके अलावा दो मरीजों को फूड बास्केट भी वितरित किए गए। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आरिफ कुरैशी ने बताया कि टीबी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है, लेकिन शर्त यह है कि इसका पता जल्दी लग जाए और मरीज पूरा इलाज लें। उन्होंने कहा कि ट्रूनाट मशीन के आने से अब सिर्फ एक घंटे में टीबी की पुष्टि संभव है, जिससे इलाज में होने वाली देरी खत्म हो जाती है।
क्षेत्रीय निदेशक डॉ. नीना गिड़यान ने बुंदेलखंड में टीबी की चिंताजनक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि कुपोषण, तंबाकू, धूम्रपान और मधुमेह जैसी समस्याएँ टीबी को और खतरनाक बना देती हैं। उन्होंने सामुदायिक जागरूकता और सक्रिय केस खोज अभियान को तेज करने की आवश्यकता बताई।
IMA सागर अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने कहा कि तंबाकू, शराब, गुटखा और बीड़ी टीबी के सबसे बड़े खतरे हैं। वहीं मधुमेह और HIV से पीड़ित मरीजों में टीबी होने की संभावना कई गुना अधिक होती है। ऐसे में नियमित जांच और नशा मुक्ति ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। शिविर में 180 से अधिक लोगों का डिजिटल चेस्ट एक्स-रे भी किया गया। IMA सागर और स्वास्थ्य विभाग ने घोषणा की है कि आने वाले महीनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को पूरी मजबूती मिल सके।