Sagar- जॉब कार्ड के लिए दर-दर भटकते ग्रामीण, मालथौन जनपद सीईओ गायब
मध्य प्रदेश के सागर जिले में मालथौन जनपद पंचायत एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह—ग्राम लोगर और सेमरा लोधी के ग्रामीण, जो पिछले एक महीने से जॉब कार्ड के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन जनपद का सिस्टम… पूरी तरह ठप! और इसी बीच जनपद सीईओ साहब का “गायब” रहना—ग्रामीणों की परेशानी को और बढ़ा रहा है। मनरेगा के तहत मिलने वाला जॉब कार्ड ग्रामीणों के लिए रोजगार का सबसे बड़ा आधार है। लेकिन लोगर और सेमरा लोधी गांव के कई ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने सभी जरूरी दस्तावेज ग्राम पंचायत में जमा कर दिए, बावजूद इसके एक महीने से ज्यादा समय बीत जाने पर भी उनके जॉब कार्ड जारी नहीं किए गए।
गांव की महिलाएं और पुरुष दोनों ही परेशान हैं। उनका कहना है कि सचिव की लापरवाही के कारण लगातार टालमटोल हो रहा है। जॉब कार्ड न होने से न रोजगार मिल रहा है, न सरकारी योजनाओं का लाभ। अपनी समस्या से आहत होकर ग्रामीण आज सामूहिक रूप से शिकायत लेकर मालथौन जनपद पंचायत कार्यालय पहुँचे। वे यहां मुख्य कार्यपालन अधिकारी सीईओ को आवेदन सौंपने आए थे। लेकिन जब ग्रामीण वहाँ पहुँचे… तो उन्हें पता चला कि सीईओ सचिन गुप्ता कार्यालय में मौजूद ही नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सीईओ साहब अक्सर कार्यालय से अनुपस्थित रहते हैं, और हफ्ते में मुश्किल से एक-दो दिन ही दिखते हैं।
आज भी उनकी अनुपस्थिति ने ग्रामीणों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक न तो जॉब कार्ड बन पाए, न अधिकारियों से कोई ठोस जवाब मिला। परेशान ग्रामीण खाली हाथ लौटने पर मजबूर हो गए। उनका कहना है कि यदि जॉब कार्ड नहीं मिलेगा तो वे रोज़गार के मूल अधिकार से भी वंचित हो जाएंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जनपद कार्यालय के बाहर धरना देने को भी मजबूर होंगे।