Sagar- तिरंगे का अपमान बर्दाश्त नहीं ! संकल्प फाउंडेशन का अनोखा अभियान
सागर शहर में राष्ट्रध्वज के सम्मान को सर्वोपरि रखते हुए संकल्प फाउंडेशन ने एक सराहनीय कदम उठाया है। मंगलवार शाम 4 बजे संगठन की टीम ने बस स्टैंड के सामने एलिवेटेड कॉरिडोर पर एक विशेष अभियान चलाकर उन तिरंगों को हटाया, जो या तो फटे हुए थे, गलत तरीके से लगाए गए थे, या ध्वज संहिता का पालन नहीं कर रहे थे। इस पहल ने शहर में राष्ट्रसम्मान का एक सशक्त संदेश दिया। अभियान का नेतृत्व संकल्प फाउंडेशन के अध्यक्ष रिशांक तिवारी ने किया। उन्होंने बताया कि तिरंगा मात्र एक ध्वज नहीं, बल्कि राष्ट्र के गौरव, त्याग, शौर्य और अस्मिता का पवित्र प्रतीक है।
इसलिए उसका सम्मान बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का प्रथम कर्तव्य होना चाहिए। रिशांक ने कहा— हमारा उद्देश्य सिर्फ फटे या गलत तरीके से लगे तिरंगे हटाना नहीं, बल्कि लोगों में यह जागरूकता फैलाना है कि तिरंगे का अपमान अनजाने में भी न होने पाए। तिरंगा सम्मानहीन अवस्था में दिखे तो उसे सुधारना हमारा नागरिक धर्म है। अभियान के दौरान सड़क से गुजर रहे लोगों ने संकल्प फाउंडेशन के इस प्रयास की सराहना की और इसे राष्ट्रध्वज सम्मान का प्रेरक उदाहरण बताया।
कई लोगों ने मौके पर ही टीम की मदद करने की इच्छा भी जताई। संकल्प फाउंडेशन का कहना है कि इस तरह के अभियानों का उद्देश्य केवल सफाई या सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। फाउंडेशन ने घोषणा की कि आने वाले दिनों में शहर के अन्य मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर भी इसी तरह के जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि जहां भी तिरंगा लहराए, वह पूरे सम्मान और शान के साथ फहराता रहे।
इस विशेष अभियान में फाउंडेशन के विभिन्न वार्डों के अध्यक्ष और सदस्य—शुभम नामदेव, निशांत जैन, स्वराज उपाध्याय, कार्तिक जाटव, गोपाल तिवारी, सागर जाटव सहित कई युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे और सक्रिय रूप से अभियान को सफल बनाया। संकल्प फाउंडेशन की यह पहल न केवल जागरूकता का संदेश देती है, बल्कि यह याद दिलाती है कि देश के प्रतीकों का सम्मान सामूहिक जिम्मेदारी है—और जब समाज आगे आता है, तब राष्ट्रध्वज सच में गर्व से लहराता है।