सागर की सड़कों पर दौड़ रही 209 खटारा यात्री बसों के परमिट होंगे निरस्त |SAGAR TV NEWS|
सागर जिले में ऐसी 209 बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं, जिन्होंने अपनी 15 साल की उम्र पार कर ली है। सीधी भाषा में कहें तो ये बस खटारा हो चुकी हैं, इसके बावजूद ये आज भी शहरों के बीच सवारियां ढोने का काम कर रही हैं। अब इस मामले पर सरकार ने सख्त कदम उठाया है। जल्द ही इनके परमिट निरस्त होने की कार्रवाई की जायेगी, मध्य प्रदेश में बसों की संख्या 899 हैं,
परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह ने प्रदेश के परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा को एक पत्र लिखकर इन सभी बसों की सूची सौंप दी है। इन पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इनमें सबसे ज्यादा खटारा बसें जबलपुर तो सबसे कम रीवा संभाग में चल रही हैं।
सरकार के इस आदेश के बाद बस संचालकों में नाराजगी है। उनकी दलील है कि जब उनकी बसों को परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट दिया गया था, तब उनकी उम्र 15 साल नहीं हुई थी। बसों का फिटनेस और परमिट अभी बकाया है। ऐसे में अचानक बसों को बंद करने का फैसला अव्यवहारिक है।
परिवहन विभाग के जानकारों के अनुसार, सचिव के पत्र के बाद अब इन बसों के परमिट निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हालांकि, अधिकारी सीधे परमिट कैंसिल करने से पहले बस संचालकों को नोटिस जारी कर सकते हैं। कुछ मामलों में उन्हें नए वाहन से बस को बदलने का विकल्प भी दिया जा सकता है, लेकिन इसकी संभावना कम है।
ये बसें पूरी तरह से सड़क से नहीं हटेंगी। परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा ने स्पष्ट किया, ‘15 साल पुरानी बसें स्टेज कैरेज (सवारी बस) के रूप में नहीं चल सकतीं, लेकिन इन्हें अन्य कार्यों में उपयोग किया जा सकता है।