सागर-43 साल की परंपरा फिर जीवित, बीना में श्रीराम महाबारात की शुरुआत
सागर जिले के बीना शहर का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन—श्रीराम महाबारात—एक बार फिर भव्यता के साथ शुरू होने जा रहा है। इसी को लेकर खिरिया वार्ड स्थित श्रीराम नाम सिद्ध पीठ पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित हुई, जहां पंडित रामनाम महाराज ने 43 वर्षों से चली आ रही इस दिव्य परंपरा की जानकारी साझा की।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए पंडित रामनाम महाराज ने बताया कि श्रीराम महाबारात सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का अद्वितीय प्रतीक है। यह कार्यक्रम पिछले 43 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा है, जिसमें देशभर के विभिन्न राज्यों से कलाकार अपनी प्रस्तुति देते हैं और भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों को जीवंत करते हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के विवाह में लुप्त होती परंपरागत रस्मों को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से आयोजन में आज भी सभी वैवाहिक विधियों का पालन किया जाता है। इसमें एससी और ओबीसी वर्ग के भक्त परंपरागत रूप से वर-वधू पक्ष की रस्में निभाते हैं, जो सामाजिक एकता और सहभागिता का संदेश देता है।
पंडित रामनाम महाराज ने कहा—“कॉलेज और अस्पताल बनाना सेवा का काम है, लेकिन धर्म की वृद्धि ऐसे आयोजनों से होती है। बच्चे जब इन्हें देखते हैं तो उनके भीतर धार्मिक संस्कार जागृत होते हैं।”
उन्होंने श्री बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की पदयात्रा की भी सराहना करते हुए कहा कि वह समाज और धर्म के लिए अच्छा कार्य कर रहे हैं।
आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया गया। रविवार: सीता जी की गोद भराई (वर पक्ष से राजा सोनी रस्म निभाएंगे। 18 नवंबर: तिलकोत्सव वधू पक्ष से नवीन भिलवारे ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचेंगे। 23 नवंबर: श्री गणेश पूजन व तेल। 24 नवंबर: मंडप निर्माण। 25 नवंबर: भगवान श्रीराम की भव्य महाबारात यात्रा।