गैस संकट चरम पर! लंबी कतारें, ठंडे चूल्हे… कालाबाज़ारी के आरोपों से भड़के उपभोक्ता |SAGAR TV NEWS|
घरेलू एलपीजी गैस की किल्लत अब गंभीर रूप ले चुकी है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि कई घरों में चूल्हा भी नहीं जल पा रहा है। गैस गोदामों के बाहर सुबह से लगी लंबी कतारें और घंटों का इंतज़ार भी लोगों को सिलेंडर नहीं दिला पा रहा। इससे उपभोक्ताओं में भारी नाराज़गी है। वहीं गैस की संभावित कालाबाज़ारी को लेकर भी स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
दीपावली के बाद से शुरू हुआ गैस संकट अब एमपी के शहडोल जिले के बुढ़ार नगर में चरम पर पहुंच चुका है। यहां हजारों लोग रोज़ाना लंबी कतारों में खड़े होकर सिलेंडर लेने की कोशिश करते हैं, लेकिन अधिकतर को निराश होकर वापस लौटना पड़ता है। गैस उपलब्ध न होने की वजह से कई परिवार लकड़ी के चूल्हों और कोयले की अंगीठी का सहारा ले रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि एक ओर गोदाम खाली बताए जा रहे हैं, और दूसरी ओर सिलेंडर महंगे दामों पर बेचे जाने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।
शहडोल जिले में 2 लाख 23 हजार से अधिक गैस उपभोक्ता पंजीकृत हैं। इनमें लगभग 1 लाख 50 हजार उज्ज्वला योजना के लाभार्थी हैं, जबकि 80 से 90 हजार सामान्य उपभोक्ता हैं। बुढ़ार क्षेत्र में ही करीब 20 हजार उपभोक्ता गैस पर निर्भर हैं, लेकिन इन दिनों उन्हें सिलेंडर का इंतजार करते-करते घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। इंडेन, एचपी और भारत गैस—तीनों कंपनियों की सप्लाई अनियमित बताई जा रही है, जिससे संकट और गहरा रहा है।
हालांकि जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी विपिन पटेल का दावा है कि गैस की आपूर्ति सामान्य कर दी गई है और जल्द ही स्थिति पूरी तरह नियंत्रित हो जाएगी। उन्होंने कालाबाज़ारी के आरोपों को भी नकारा है और कहा—अभी तक कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। शहडोल में गैस संकट ने आम आदमी की रसोई तक को प्रभावित कर दिया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन कब तक इस समस्या का स्थायी समाधान निकालता है।