सागर-रहली का संदीपनी स्कूल रंगा संस्कारों की खुशबू में, बाल दिवस पर धमाकेदार कार्यक्रम!
पूरे देश की तरह सागर जिले के रहली में भी बाल दिवस उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। संदीपनी स्कूल ने इस खास दिन को एक अनोखे अंदाज़ में सेलिब्रेट किया—जहां बच्चों के लिए मस्ती भी थी और संस्कृति की महक भी। विद्यालय प्रांगण सुबह से ही बच्चों की हंसी, तालियों और रंगारंग कार्यक्रमों से गूंज उठा। चिल्ड्रंस डे के अवसर पर संदीपनी स्कूल में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सुबह होते ही सांस्कृतिक और खेल प्रतियोगिताओं की शुरुआत हो गई। बच्चे नृत्य, गायन, चित्रकला और कई रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते नजर आए। हर तरफ उत्साह का माहौल था और बच्चों ने अपनी प्रतिभा से कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। कार्यक्रम की सबसे खास प्रस्तुति रही—स्कूल के शिक्षक और राष्ट्रीय स्तर पर मोनिया नृत्य के लिए प्रसिद्ध कलाकार उमेश वैद्य का मंचन।
उमेश वैद्य ने पारंपरिक मोनिया नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी जिसने बच्चों और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का जीवंत अभिनय किया और गीता के उपदेशों को सरल शैली में प्रस्तुत किया। यह प्रस्तुति केवल मनोरंजन भर नहीं थी, बल्कि बच्चों को भारतीय कला, संस्कृति और जीवन मूल्य समझाने का सार्थक प्रयास था। विद्यालय परिवार के अनुसार, बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ना ही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य था। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं और विद्यालय के शिक्षक मौजूद रहे। पूरे आयोजन में बच्चों का उत्साह देखने लायक था।
चेहरे पर मुस्कान और दिल में उमंग लिए बच्चे लगातार तालियाँ बजाते रहे और हर प्रस्तुति का भरपूर आनंद उठाते रहे। बाल दिवस का यह आयोजन सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि सीख और संस्कारों का संगम रहा। संदीपनी स्कूल ने एक बार फिर यह साबित किया कि शिक्षा तभी पूर्ण है जब उसमें संस्कृति और मूल्य भी शामिल हों। रहली के इस अनूठे आयोजन ने बच्चों को न सिर्फ खुशी दी, बल्कि उन्हें अपनी सांस्कृतिक धरोहर से भी जोड़ दिया।